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इंदौर अग्निकांड में बड़ा खुलासा, EV कार नहीं घर में यहां से लगी थी आग

Indore Fire Tragedy: इंदौर अग्निकांड मामले में नया खुलासा। घटनास्थल पर विस्फोटक हालात थे। घर में 10 गैस सिलेंडर रखे थे, जिनमें से दो सिलेंडर भीषण धमाके के साथ फटे।

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इंदौर

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Akash Dewani

Mar 22, 2026

Indore Fire Tragedy

Major Revelation in Indore Fire Tragedy post-mortem reports (फोटो- Patrika.com)

Indore Fire Tragedy:इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र के बृजेश्वरी एनेक्स में बुधवार देर रात कारोबारी मनोज पुगलिया के घर हुए भीषण अग्निकांड में आठ लोगों की मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। इसमें खुलासा हुआ है कि सभी लोगों की मौत दम घुटने व आग मेंं झुलसने से हुई। इस आग का शिकार मनोज, उनकी बहू सिमरन और बिहार से आए उनके साले विजय सेठिया का परिवार हो गया था।

आग में फंसे परिजन निकलने का करते रहे प्रयास

टीआइ मनीष लोधा ने बताया, सभी मृतकों की पीएम रिपोर्ट आ गई है, जिसमें मौत के कारण धुएं से दम घुटना और बाद में आग से झुलसना आया है। हादसे की सबसे विचलित करने वाली तस्वीर छह वर्षीय तनय जैन की है। पीएम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि तनय का पूरा शव बरामद ही नहीं हो सका। उसका कुछ हिस्सा जलकर नष्ट हो गया। रेस्क्यू टीम को शव के अवशेष के साथ छोटा सा फोम का टुकड़ा भी पीएम में दिया गया था। अब इन अवशेषों को डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया है ताकि तकनीकी पुष्टि हो सके।

जब तक संभलते, देर हो चुकी थी

टीआइ लोधा के मुताबिक, जांच में सामने आया कि जब आग लगी तब परिवार को इसकी भयावहता का अंदाजा नहीं था। वे घर के अंदर ही पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास करते रहे। जब आग ने विकराल रूप ले लिया और धुआं फैला, तब तक निकलने के सारे रास्ते बंद हो चुके थे। पहली मंजिल पर मौजूद बच्चे रास्ता भटक गए और उनकी सांसें थम गईं।

लोहे के तपते गेट और फंसे हुए चैनल

ग्राउंड फ्लोर : नीचे के कमरे में विजय और उनकी पत्नी फंस गए थे। बाहर निकलने का मुख्य दरवाजा लोहे का था, जो आग में भट्ठी की तरह लाल हो गया था। दपंती उसे खोल नहीं पाए और अंदर ही झुलस गए। लोहे का गेट लॉक होने और गर्मी से फैल जाने के कारण वे उसे पार नहीं कर सके।

पहली मंजिल : पहली मंजिल पर आगे की तरफ सौरभ, सौमिल और हर्षित सहित उनकी मां सुनीता थे। इस वजह से बालकनी के रास्ते बाहर आ गए।

दूसरी मंजिल : अंदर की तरफ रुचिका और उनके बच्चे थे। इन्हें निकलने का मौका नहीं मिला और वह अंदर ही झुलस गए।

छत की तरफ : ऊपर की मंजिल पर मनोज और उनकी बहू सिमरन निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वहां लगा सुरक्षा चैनल गेट तकनीकी रूप से फंस गया।

सिलेंडर और फ्रिज का कम्प्रेसर फटा

घटनास्थल पर विस्फोटक हालात थे। घर में 10 गैस सिलेंडर रखे थे, जिनमें से दो सिलेंडर भीषण धमाके के साथ फटे। इसके अलावा फ्रिज का कम्प्रेसर फटने से आग ने और भी भयावह रूप ले लिया। डिजिटल एविडेंस के आधार पर पुलिस इसे 'शार्ट सर्किट' मान रही है। अब जांच इस बिंदु पर है कि हादसा बिजली के ओवरलोड के कारण हुआ या कोई और तकनीकी खामी थी।

पुलिस ने कहा ये

पीएम रिपोर्ट में दम घुटना और जलना मौतों का कारण है। बच्चे के अवशेष मिले हैं, जिनका डीएनए कराया जा रहा है। एसडीआरएफ और अन्य विभागों के साथ सघन रेस्क्यू के बाद डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं। - मनीष लोधा, टीआई, थाना तिलक नगर