
सैनिटाइजर के लिए लाइसेंस जरूरी नहीं, अब दुकानदार ही बेच सकेंगे
इंदौर। वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार सैनिटाइजर है। विश्व में बढ़ती मांग और देश में पर्याप्त मात्रा में निर्माण को देखते हुए सरकार ने इसके निर्यात पर लगी रोक हटा ली है। इसी मांग को देखते हुए इंदौर ने सैनिटाइजर के उत्पादन में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। कई कंपनियों जिनका मुख्य उत्पाद सैनिटाइजर बनाना नहीं था वह भी इसे बनाने में लगे हैं। कुछ ही दिनों में दुनिया के कई देशों के लोग इंदौरी सेनीटाइजर की मदद से कोरोना से लड़ते दिखेंगे।
इंदौर से निर्यात की जाएगी
1 जून को निर्यात की अनुमति मिलने के साथ कंपनियों को अफ्रीका, श्रीलंका, यूरोप, तजाकिस्तान और लैटिन अमेरिका के देशों से ऑर्डर मिले हैं। एक पखवाड़े में 1 लाख सैनेटाइजर बोतल (100 एमल) इंदौर से निर्यात की जाएगी जो कई देशों तक पहुंचेगी।
30 हजार लीटर उत्पादन
इंदौर पीथमपुर में 25 कंपनियां सेनीटाइजर बना रही हैं। एमसीडब्ल्यू फार्मा कंपनी के अमित चावला ने बताया रोज 30 हजार लीटर उत्पादन है केंद्र ने देश में इंदौर की 20 कंपनियों समेत 1000 कंपनियों को सैनिटाइजर बनाने की अनुमति दी है।
Published on:
07 Jun 2020 10:25 am
