
‘आंतकवादियों में दहशत पैदा करने की जरुरत, मिलना चाहिए कड़ी से कड़ी सजा’
रीना शर्मा विजयवर्गीय
इंदौर. खूब चर्चा बंटोरने वाली फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ मैं मैंने हरिनारायण नामक पुलिस अफसर का रोल किया है, जो बहुत मजबूर होता है और हर वक्त फील करता है कि मैं कुछ कर नहीं पा रहा हंू। कुछ भी हो लेकिन फिल्म में काम करने का अनुभव बहुत ही शानदार रहा। यह फिल्म नहीं बल्कि हम सभी कलाकारों ने इसे एक मिशन की तरह लिया है। सभी वचनबध्द होकर इसमें काम किया है, जो सत्य घटनाओंपर आधारित है।
यह बात अभिनेता पुनीत ईस्सर ने कही। पुनीत रविवार को एक कार्यक्रम के तहत् इंदौर आए थे। उन्होंने पत्रिका से बातचीत में फिल्म द कश्मीर फाइल्स के अनुभव बताते हुए कहा फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ते ही मैंने सोच लिया था कि इसमें बहुत दिल से काम करना है, क्योंकि इस तरह फिल्म बनाने की आज तक किसी की हिम्मत ही नहीं हुईं। यह तो काबिल-ए-तारीफ है कि विवेक अग्निहोत्री जैसे दबंग डायरेक्टर ने यह साहस किया और इतना बड़ा मुद्दा उठाया। यह फिल्म सुपरहीट भी हुई है। पुनीत ने कहा इसके बाद मुझे लगता है कि लगातार अगले पांच साल में इस तरह की बहुत ही शानदार फिल्में देखने और करने को मिलेगी।
पुनीत कहते है कश्मीरी पंडि़तों को वहां जाना चाहिए, ताकि उन्हें न्याय मिले और पुनर्र्वास कैसे हो इस पर विचार भी सभी को करना चाहिए। सबसे पहले तो आंतकवादियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए, ताकि आने वाले या बनने आतंकवादियों को पता चले कि सजा कैसी और क्या होती है उन्हें अहसास हो कि यदि हम गलत काम करेंगे तो हम भाग नहीं सकेंगे और हमें सजा भी मिलेगा। आंतकवादियों को कैपिटल पनिशमेंट मिलना चाहिए। इसका फास्ट ट्रैक होना चाहिए। उन्हें सजा देने में बीस-बीस साल नहीं लगना चाहिए इसके साथ ही फोर्स का भी मनोबल बढ़ाना चाहिए, जो उन्हें पकड़ते हैं, उन्हें रिवॉड्र्स दीजिए तब ही तो आकंतवादियों में भय पैदा होगा। एक कहावत है- ’सढ़े साढ्यम सभा चरेत’ यानि धुर्तो और मक्कारों के साथ वैसे ही निपटना चाहिए।
टीट फॉर टेट वाक्य अपनाओं
पुनीत ने कहा महात्मा गांधी जी ने कहा था एक गाल पर चाटा मारे, दूसरा भा आगे कर देना चाहिए लेकिन क्या ये तालिबान के साथ कर सकते है। मुझे लगता है हम सभी को गलत के खिलाफ आवाज उठाना चाहिए, जितने भी एक्स आर्मी ऑफीसर है उन्हें कश्मीर भेजो समस्या खत्म हो जाएगी। मुंबई में आंतकवादी आए और हजारों को मारकर चले गए। यही पंजाब में होता तो इतने नहीं मारे जाते वहां हर किसी की जेब में बंदुके होते है। ‘टीट फॉर टेट’ वाक्य को फॉलो किया जाता है लेकिन यहां नहीं क्यों?
पंजाबियों की तरह देना पड़ेगा जवाब
उन्होंने सालों पुराना किस्सा सुनाते हुए कहा लाहौर से सरणार्थियों की एक ट्रेन हिंदुस्तान आ रही थी रास्ते में ट्र्रेन रोकी जंगलों में पाकिस्तानियों ने और हिंदु अपने देश में जाना चाहते है लेकिन हम लाशें भेजेंगे और पूरी एक ट्रेन भरकर लाशें अमृतसर पहुंची, उसमें एक भी व्यक्ति जिंदा नहीं था लेकिन इसका जवाब पजाबियों ने दो ट्रेन लाशों से भरकर भेजकर दिया। ऐसे सिखाया जाता है सबक। उसके बाद वहां से कोई ट्रेन नहीं आई। पाकिस्तान हमसे युध्द में नहीं ंजीत सकता है वो केवल प्रोक्सी वॉर करके हमारे देश को तोडऩा चाहता है इसलिए बॉर्डर सिल कर देना चाहिए और जो आतंकवादी पकड़ा जाए उसे जला दो। दहशत पैदा करना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा इंडस्ट्री में मेरे सलमान और सलीम खान जैसे कई जिग्री दोस्त है जो गणपति की पूजा करते हैं और शिवरात्रि मनाते हैं ऐसे भी लोग हैं। इसलिए पहले याद रखें कि हम ङ्क्षहदू या मुस्लिम नहीं बल्कि हम इंडीयन है।
जल्द आएगा दूसरा पार्ट
पुनीत ईस्सर की जल्द ही ‘जयेश भाई जोरदार’ फिल्म आने वाली है। रणवीर सिंह इसके हीरो है। उन्होंने कहा मैं करीब ५०० फिल्में कर चुका हंू एक नाटक भी चल रहा है। साथ ही द कश्मीर फिल्म का मुझे लगता है जल्द ही सेकंड पार्ट भी आएगा, क्योंकि यह फिल्म पांच घंटे की बनी है लेकिन इसे केवल ढाई घंटे का ही दिखाया गया है।
नशे का सेवन न करें युवा
इंदौर आकर मैंने पोहा खाया। मैं फीट रहने के लिए हमेशा वर्कआउट करता हंू और कोई परहेज नहीं करता हंू बल्कि सबकुछ खाता है और खुदको आज भी २४ साल का ही समझता हंू। यंगस्टर्स को मैं यहीं कहंूगा कि हार्ड वर्क करें और ताकतवर बनें। नशे का सेवन बिल्कुल न करें।
Published on:
28 Mar 2022 10:27 pm
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