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इंदौर में भी बनेगा इस्कॉन मंदिर एकीकृत सांस्कृतिक परिसर

संस्था ने प्रशासन को एक प्रस्ताव देकर 20 एकड़ जमीन मांगी

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इंदौर में भी बनेगा इस्कॉन मंदिर एकीकृत सांस्कृतिक परिसर

इंदौर में भी बनेगा इस्कॉन मंदिर एकीकृत सांस्कृतिक परिसर

इंदौर. देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में इस्कॉन अब एक भव्य सांस्कृतिक परिसर बनाना चाहता है, जिसको लेकर संस्था ने प्रशासन को एक प्रस्ताव देकर 20 एकड़ जमीन मांगी है। परिसर में मंदिर के अलावा अक्षय पात्र रसोई योजना भी होगी, जिसमें नियमित सरकारी स्कूल के 25 हजार बच्चों का भोजन तैयार होगा। साथ में बेंगलुरू की तरह बेसिल वुड्स स्कूल भी होगा।

इस्कॉन संस्था के मध्यप्रदेश में इस्कॉन के महाप्रबंधक एवं केंद्र प्रमुख आचार्य रत्नदास ने कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी को पत्र लिखकर परिसर की जानकारी दी, जिसके लिए 20 एकड़ जमीन मांगी। अपर कलेक्टर सपना लोवंशी के निर्देश पर सभी एसडीओ ने अपने अपने क्षेत्र में जमीन तलाशना शुरू कर दी। ध्यान-योग का बनेगा केंद्र इंदौर शहर की सांस्कृतिक भावनाओं को जीवंत करने के लिए संस्था सांस्कृतिक परिसर स्थापित करना चाहती हैं, जो आधुनिक वास्तुकला और भवन तकनीकि रूप से भव्य होने के साथ उसमें सांस्कृतिक कला का मिश्रण होगा।

परिसर स्थानीय और पर्यटकों को आकर्षित करेगा। सालभर समारोह, आयोजनों और उत्सवों होंगे, जिसमें देश और दुनियाभर के लोग शामिल होंगे। भारतीय संस्कृति को बताने वाली पुस्तकों की एक लाइब्रेरी भी तैयार की जाएगी। हरे कृष्ण सांस्कृतिक और शैक्षिक परिसर में ध्यान कक्ष, कक्षाएं, योग स्टूडियो, शास्त्रीय भारतीय साहित्य के वाचनालय, भोजन कक्ष के साथ विद्यार्थियों के लिए आवास होंगे।

अक्षय पात्र रसोई

देश के 12 राज्यों में 14,702 सरकारी स्कूलों में करीब 17 लाख बच्चों को अक्षय पात्र रसोई संस्था भोजन उपलब्ध कराती है। यहां पर 25 हजार सरकारी स्कूली बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार होगा। इसमें बड़े पैमाने पर बॉयलरों का उपयोग किया जाएगा। बच्चों को ताजा व गरम खाना पहुंचे, जिसके लिए वाहन भी होंगे।

बनेगा कन्वेंशन सेंटर

परिसर में कन्वेंशन सेटर बनेगा जो कला प्रदर्शन का केंद्र होगा। कलाकारों को मंच दिया जाएगा। 4 से 16 वर्ष के बच्चों के लिए राज्यव्यापी, राष्ट्रव्यापी और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, पाठ्यक्रमों, ग्रीष्मकालीन शिविरों, प्रतिभा उत्सवों, कार्यशालाओं, पर्यटन और अन्य जैसे सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रम होंगे। बेसिल वुड्स स्कूल मूल्य शिक्षा प्रदान करने के लिए संस्था बेसिल वुड्स स्कूल भी शुरू करेगी। वर्तमान में बेंगलूरु और गुरुग्राम में संचालित हो रहा है।

शैक्षिक ट्रस्ट में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति, पूर्व प्रदेश लोकायुक्त, सीबीआइ के पूर्व निदेशक जैसे दिग्गज अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोई नहीं रहेगा भूखा संस्था का मानना है कि केंद्र के दस मील दायरे में कोई भूखा नहीं रहेगा। रसोई स्थापित की जाएगी, जिसमें प्रवासी श्रमिकों और अन्य वंचितों को नाममात्र शुल्क पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।