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इंदौर. स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारी इन दिनों 16 से 8 घंटे काम कर रहे हैं। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी और संविदा कर्मचारी किराए के मकानों में रहते हैं, लेकिन अधिकारियों को कई जगह से ऐसी शिकायतें मिलीं, जिसमें मकान मालिकों ने उन्हें घर में आने से रोक दिया। इसके बाद कल कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिए हैं। अब ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी, जो स्वास्थ्य कर्मचारी को परेशान करेंगे।
कलेक्टर मनीष सिंह ने आदेश दिए हैं कि जिले में कोरोना वायरस रोग से बचाव व रोकथाम के लिए लगे शासकीय स्वास्थ्य विभाग और प्रायवेट अस्पतालों के चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, टैक्नीशियन एवं अन्य इससे संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों से उनके मकान मालिक मकान किराए की राशि प्राप्त करने के लिए दबाव नहीं डाल पाएंगे। इसके लिए कलेक्टर ने धारा-144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं। उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है। कोरोना वायरस से बचाव व रोकथाम के लिए लगे सभी चिकित्सा व इससे संबंधित अन्य कार्यों में लगे व्यक्तियों को उनके निवास स्थान पर रहने व वहां तक आने-जाने में कोई भी बाधा उत्पन्न नहीं करेगा और न ही किसी भी प्रकार का विरोध करेगा।
Published on:
5 Apr 2020, 11:01 AM IST
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