टीआई हीरानगर शशिकांत चौरसिया ने बताया, 27 जनवरी की रात एमआर-10 ब्रिज के नीचे अंधेरे में एक युवक गाड़ी पर बैठा था। वहां से गुजर रहे हेड कांस्टेबल लक्ष्मण वास्कले व सिपाही गुलरेज पास पहुंचे तो देखा, हाथ में इंजेक्शन और पास एक जहर की शीशी पड़ी थी। पुलिसकर्मियों ने हालात समझते ही थाने में जानकारी दी और अपनी बाइक से अरबिंदो अस्पताल ले गए। युवक के मोबाइल से परिवार को सूचना दी। परिजन ने बताया, युवक ने फोन कर जहर का इंजेक्शन लगाने का कह फोन बंद कर लिया था।