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कांग्रेस के दिग्गज नेता के पुत्र की हत्या करने वाले परिवार के पांच लोगों को आजीवन कारावास

- सजा पाने वालों में दो महिलाएं भी, पिता सहित दोनों बेटे भी रहेंगे सलाखों के पीछे

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इंदौर

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Amit Mandloi

Aug 20, 2018

murder of congress leader son indore

कांग्रेस के दिग्गज नेता के पुत्र की हत्या करने वाले परिवार के पांच लोगों को आजीवन कारावास

- बाइक टकराने के मामूली विवाद में गोली मारकर कर दी गई थी हत्या

इंदौर

कांग्रेस नेता केके यादव के पुत्र सन्नी यादव की गोली मारकर हत्या करने के ६ साल पुराने मामले में कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया। १६ गवाहो के बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट एक ही परिवार के पांच लोगों को आजीवन सलाखों के पीछे रहने की सजा की है। खास बात यह है कि सजा पाने वालों में दो महिलाएं शामिल हैं, जिन्होंने सन्नी पर हमला किया था। कार से मोटर साइकिल टकराने के मामूली बात पर शुरू हुए विवाद ने बाणगंगा थाना क्षेत्र में यह हत्या हुई थी। अपर सत्र न्यायाधीश विवेक सक्सेना द्वारा दोपहर करीब १.३० बजे जब फैसला सुनाया गया तब आरोपी गुरुचरण पटेल, उनका बेटे अशोक पटेल, राजेश पटेल, पत्नी राजरानी पटेल और बहू आशाबाई कोर्ट में भी उपस्थित थे। फैसला सुनते ही सभी फूंट फूंट कर रोने लगे। घटना के बाद से अशोक जेल में ही बंद था, जबकि अन्य जमानत पर बाहर थे।
इस केस में विशेषरूप से नियुक्त किए गए सीनियर एडवोकेट अविनाश सिरपुरकर के मुताबिक, घटना ३१ मार्च २०१२ को दोपहर १ से१.३० बजे के बीच की थी। सन्नी यादव अपने दो मित्र ओमप्रकाश और शशि मिश्रा के साथ कार में बैठकर भागीरथ पुरा क्षेत्र से गुजर रहे थे। तभी उनकी कार से क्षेत्र की रामदास पटेल मुधशाला के बाहर खड़ी मोटर साइकिल से टकरा गई थी। इस बात पर मधुशााल पर बैठे गुरुचरण पटेल से उनका विवाद शुरू हो गया। थोड़ी ही देर में गुरुचरण के पुत्र अशोक और राजेश भी वहां आ गए और विवाद बढ़ गया। बात हाथापाई तक पहुंच गई तभी गुरुचरण की पत्नी राजरानी और बहू आशाबाई आई और सन्नी की कारण पर ईंट और पत्थर से हमला कर दिया। इसी बीच गुरुचरण और राजेश के कहने पर अशोक मधुशााल के अंदर जाकर १२ बोर की बंदूक ले आाय और सन्नी की कमर के नीचे गोली मार दी। अत्यधिक खून निकलने से मौके पर ही सन्नी की मौत हो गई। बाणंगंगा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा ३०२, १४७, १४८, १४९ और २५ व २७ आम्र्स एक्ट के तहत केस दर्ज किर चालान पेश किया था। कोर्ट के समक्ष चार प्रत्यक्षदर्शियों सहित कुल १६ गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे। पुलिस जांच रि पोर्ट, पोस्टमार्टम सहित बेलेस्टिक जांच रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट पांचो को आजीवन कारावास और १-१ हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई थी।