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लोकसभा चुनाव : यहां दांव पर लगी है कांग्रेस के दो मंत्रियों की प्रतिष्ठा

लोकसभा चुनाव : यहां दांव पर लगी है कांग्रेस के दो मंत्रियों की प्रतिष्ठा

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इंदौर

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Hussain Ali

Apr 18, 2019

congress

लोकसभा चुनाव : यहां दांव पर लगी है कांग्रेस के दो मंत्रियों की प्रतिष्ठा

इंदौर. लगातार आठ बार हारने के बाद कांग्रेस इंदौर सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। इसके चलते प्रत्याशी पंकज संघवी के समर्थन में सारे नेता धीरे-धीरे एक जाजम पर आ रहे हैं। जीत का सारा दारोमदार ग्रामीण क्षेत्र पर होगा, क्योंकि शहरी क्षेत्र में संघवी की पकड़ मजबूत मानी जा रही है। इसके चलते मंत्री तुलसीराम सिलावट व जीतू पटवारी की प्रतिष्ठा दांव पर है।

एक तरफ भाजपा में अब तक टिकट तय नहीं हुआ, वहीं कांग्रेस से पंकज संघवी को टिकट दे दिया गया। संघवी को वजनदार प्रत्याशी माना जा रहा है, क्योंकि सामाजिक समीकरण के साथ शहरी क्षेत्र में उनकी पकड़ खासी मजबूत है। महापौर के चुनाव में वे महज 3200 वोटों से ही चुनाव जीते थे, जबकि भाजपा ने कृष्णमुरारी मोघे को प्रत्याशी बनाया था। उन्हें जिताने के लिए भाजपा की पूरी टीम पूरे जी जान से लगी थी। इस हिसाब से शहरी क्षेत्र में संघवी को ज्यादा समस्या नहीं है। उनके लिए सांवेर, देपालपुर और राऊ जैसे ग्रामीण क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाना बड़ी चुनौती है।

मराठी वोटों पर पटवारी की नजर

अपने क्षेत्र से संघवी को जिताने के लिए पटवारी की नजर मराठी वोट बैंक पर है, जिसने विधानसभा में उनका साथ दिया था। ऐसा मान रहे हैं कि ताई के नहीं लडऩे से नाराजगी का वोट संघवी को मिल सकता है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में इस बार जहां वे खुद हारे थे, वहां उन्होंने पूरा फोकस कर दिया है। जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव, हरिओम ठाकुर और अफसर पटेल जैसे नेताओं को कमान सौंप दी है।

दोनों मंंत्रियों को करना होगी मेहनत

सीएम कमल नाथ ने चुनाव से पहले ही सभी मंत्रियों का साफ कर दिया कि उनकी विधानसभा से पार्टी प्रत्याशी की जीत होना चाहिए। हालांकि मंत्री सिलावट खुद बहुत कम अंतर से चुनाव जीते थे, तो पटवारी की भी पिछली जीत से इस बार लीड कम हुई। देखा जाए तो जब पटवारी पहला चुनाव 18 हजार से अधिक वोटों से जीते थे, तब पिछले लोकसभा चुनाव में 50 हजार से भाजपा ने जीत दर्ज कराई थी। ऐसे में दोनों मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्र से जिताने में जोर हो सकते हैं। देपालपुर की बात करें तो विधानसभा चुनाव के दौरान संघवी के पूर्व मंत्री रामेश्वर पटेल व पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल से अच्छे संबंध हो गए थे। पांच नंबर के साथ पटेल परिवार उनकी देपालपुर में भी मदद करेगा। वहीं, विधायक होने के नाते विशाल को भी दमदारी से काम करना पड़ेगा। ऐसा होने पर ही संघवी की स्थिति ग्रामीण क्षेत्र में मजबूत हो सकती है।