वीडियो कॉल पर कहा था यह अपनी अंतिम मुलाकात पीथमपुर में हिन्दू संघठनों ने परिजन के साथ 4 घंटे तक किया चक्काजाम परिजन ने जताई थी अपहरण की आशंका पर पुलिस ने नहीं दिया ध्यान
पीथमपुर/धार.
50 साल के ठेकेदार आशिक पटेल ने अपने ही कर्मचारी रूपेश बिर्ला को सिर्फ इसलिए मार डाला क्योंकि उसकी 22 साल की प्रेमिका ने ठेकेदार के प्रेम प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इतना ही नहीं उसने हत्या के बाद शव को नमक डाल कर 4 फीट गहरे गड्ढे में गाड़ दिया और मिट्टी पर पत्ते डालकर ढंक दिए। औद्योगिक नगरी में सेक्टर एक थाना अंतर्गत जयनगर में गुम हुए युवक का शव ठेकेदार आशिक पटेल के खेत में बरामद हुआ। मुख्य आरोपी आशिक ने अपने पांच अन्य साथियों के साथ धन्नड़ स्थित अपनी मल्टी की तीसरी मंजिल पर रूपेश की हत्या कर दी। एक दिन पूर्व ही परिजन ने ठेकेदार आशिक पटेल पर अपहरण की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई एक्शन नहीं लिया।
मृतक रूपेश ने अंतिम बार मंगलवार रात 11.30 बजे अपनी दोस्त से वीडियो कॉलिंग पर बात की थी। उसने कहा कि यह अपनी अंतिम बार मुलाकात है। रूपेश और युवती एक-दूसरे से प्रेम करते थे और शादी करना चाहते थे। शंका के आधार पर पुलिस ने देर रात ठेकेदार आशिक पटेल को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल लिया। इसके बाद आशिक के साथी अखिलेश मिश्रा, अंकुश दुबे, सुरेंद्र उर्फ कालू, रवि मंडल, दीपक पिता नरेंद्र को गिरफ्तार किया।
4 घंटे तक हंगामा कर किया चक्काजाम
रूपेश की हत्या की खबर फैलते ही हिन्दू संगठनों ने परिजन के साथ जमकर हंगामा कर चक्काजाम कर दिया। करीब चार घंटे तक चक्काजाम लगा रहा। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। परिजन ने टीआइ लोकेश भदौरिया पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निलंबित करने की मांग की। मामले के तूल पकड़ते ही छह थानों का पुलिस बल सेक्टर एक थाने पहुंच गया।
अवैध मल्टी को किया जमींदोज
इधर, एसडीएम, तहसीलदार और नगर पालिका की टीम ने ठेकेदार की अवैध मल्टी को जमींदोज कर दिया। एडिशनल एसपी देवेंद्र पाटीदार, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव यादव ने परिजन की मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया, तब जाकर जाम खोला गया। करीब पांच बजे युवक का अंतिम संस्कार किया गया।
घटना मे 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। परिजन की मांग के अनुसार जांच की जाएगी, जो भी अफसर जिम्मेदार होगा उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों के अवैध मकान चिह्नित कर तोड़े जा रहे हैं।
देवेंद्र पाटीदार, एडिशनल एसपी धार