इंदौर

Indore News : एमजी रोड पर घटिया काम

- नगर निगम के काम की गुणवत्ता को लेकर खड़े हुए सवाल - गोराकुंड चौराहा पर रात में दिखाई कलाकारी - महापौर बोले-स्मार्ट सिटी कंपनी के दोषी अफसरों पर होगी कार्रवाई

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Nov 08, 2022
Indore News : एमजी रोड पर घटिया काम

इंदौर. एमजी रोड पर बड़ा गणपति चौराहा से कृष्णपुरा छत्री तक सडक़ चौड़ीकरण किया गया है। रोड का काम घटिया और गुणवत्ताहीन हुआ है। इसको लेकर स्मार्ट सिटी कंपनी के जिम्मेदार अफसर कठघरे में खड़े हो गए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात महापौर ने कही है। इसके साथ ही रोड निर्माण की गुणवत्ता को लेकर बाहरी एजेंसी से जांच करवाने का फैसला भी लिया है ताकि दोषी अफसरों पर कार्रवाई की जा सके। इधर, गोराकुंड चौराहा पर स्मार्ट सिटी कंपनी के अफसरों ने एक और नई कलाकारी दिखाई है।

नगर निगम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बड़ा गणपति चौराहा से कृष्णपुरा छत्री तक 60 फीट चौड़ी बनाई है। इसे 16 जून-2022 तक बनाने की टाइम लिमिट रखी गई, लेकिन काम समय सीमा में पूरा नहीं हुआ है। रोड चौड़ीकरण के चलते बड़ा गणपति चौराहा से कृष्णपुरा छत्री तक सीमेंट-क्रांकीट तो कर दिया गया, लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। नतीजतन तकरीबन 35 करोड़ रुपए की लागत से रोड बनते ही खराब हो गई और दरारे पडऩे के साथ कांक्रीट नजर आने लगी, जबकि रोड को बने ज्यादा दिन नहीं हुए हैं। बनते ही रोड के खराब होने का खुलासा न्यूज टुडे ने 15 जून-2022 को बनते ही शुरू होने से सडक़ में दरारें शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में बडा गणपति चौराहा से कृष्णपुरा छत्री तक बनी नई रोड के इतनी जल्दी खराब होने पर गुणवत्ता को लेकर जहां सवाल खड़े किए गए, वहीं स्मार्ट सिटी कंपनी के अफसरों की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगाए गए।

रोड के घटिया निर्माण को लेकर निगम ने ठेकेदार एजेंसी पर तो कार्रवाई कर दी, लेकिन स्मार्ट सिटी कंपनी के अधीक्षण यंत्री डीआर लोधी और उपयंत्री कपिल रघुवंशी को शोकाज नोटिस ही दिया गया। इन दोनों अफसरों ने निगमायुक्त प्रतिभा पाल के समक्ष नोटिस का जवाब दे दिया है जो कि गोलमाल होने के साथ कार्रवाई से बचने का है। इन अफसरों ने अपने बचाव में सडक़ खराब होने के लिए बरसात, रोड बनते ही लोगों के आवागमन शुरू करने और सडक़ की सतह खराब होना बताया है, जबकि हकीकत सब जानते हैं कि रोड की कई पैनल खराब हो गई और अब इन्हें फिर से बनाया जा रहा है।

एसजीएसआईटीएस या फिर...

महापौर पुष्यममित्र भार्गव ने निगम में कार्यभार संभालने के बाद तीन महीने में पूरे होने वाले कार्यों की घोषणा की थी। इसमें बड़ा गणपति चौराहा से कृष्णपुरा छत्री तक की रोड भी शामिल थी। महापौर की प्राथमिकता वाले कामों में से कौन से पूरे हुए और क्या स्थिति है इसको लेकर उन्होंने पूरा ब्यौरा मीडिया के सामने रखा। जब महापौर भार्गव से सवाल किया गया कि एमजी रोड के घटिया और गुणवत्ताहीन हुए काम को लेकर ठेकेदार पर कार्रवाई कर दी गई, लेकिन स्मार्ट सिटी कंपनी के अफसरों को सिर्फ नोटिस देकर क्यों छोड़ दिया गया? इस पर उन्होंने कहा कि रोड निर्माण की गुणवत्ता को लेकर एसजीएसआईटीएस या फिर अन्य एजेंसी से जांच कराएंगे। रिपोर्ट आने के बाद दोषी अफसरों पर कार्रवाई भी होगी। हालांकि रोड की बदहाल हालत को देखकर अधीक्षण यंत्री लोधी पर नाराजगी महापौर भार्गव ने उस समय जताई थी जब वे अपने घोषित कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। साथ ही यहां तक कह दिया था कि तुम्हारे कारण बदनामी हमें झेलना पड़ेगी।

रोड पर लगाया सीमेंट का लेप

रोड के बीच गोराकुंड चौराहा पर सडक़ बनाने का काम लंबे समय से अटका पड़ा था, क्योंकि चौराहा पर स्थित रामद्वारा जगह नहीं दे रहा है। ऐसे में स्मार्ट सिटी कंपनी के अफसरों ने कल रात को एक और कलाकारी दिखाई। जर्जर और उबड़-खाबड़ सडक़ को सही ढंग से बनाने के बजाय रोड पर सीमेंट का लेप पोत दिया। यह काम देर रात शुरू हुआ और आज सुबह तक चला। इसके लिए मल्हारगंज पुलिस थाने से गोराकुंड चौराहा आने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया गया।

Published on:
08 Nov 2022 11:18 am
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