-कांग्रेस प्रत्याशी पिंटू जोशी की ये है प्राथमिकता, आपके प्रत्याशी किन समस्याओं को कैसे करेंगे दूर
इंदौर-3 से कांग्रेस प्रत्याशी दीपक जोशी पिंटू अपने क्षेत्र को नेक्स्ट लेवल इंदौर बनाना चाहते हैं। पत्रिका कार्यालय में पिंटू ने विकास को लेकर अपनी बात रखते हुए संकल्प भी लिया। पिंटू के मुताबिक, इंदौर व उनके विधानसभा क्षेत्र में पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम फ्री व व्यापारियों को भयमुक्त माहौल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
स्मार्ट सिटी : अधिकारियों को इंदौर में रहना नहीं है, इसलिए वे यहां के बारे में नहीं सोचते हैं। अधिकारियों ने अपने हिसाब से प्लानिंग कर ली, जिससे लोग परेशान हैं। एमजी रोड बनाने में मानकों के अनुरूप काम नहीं किया। चुनाव जीतने के बाद प्रयास होगा कि इलाके में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की राय से काम किए जाएं, ताकि निर्धारित समय पर काम पूरा हो।
ट्रैफिक जाम : यह सही है कि इंदौर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक की है। वाहनों की संख्या और जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। इसके निदान के लिए दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों की तरह ट्रैफिक कंट्रोल की व्यवस्था करेंगे। स्मार्ट सिग्नल, स्मार्ट स्टाफ तथा रास्तों को वन-वे कर सुव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था देने का प्रयास होगा। यह काम प्राथमिकता
से पूरा किया जाएगा।
नर्मदा जलप्रदाय : क्षेत्र की बस्तियों में नर्मदा का पानी नहीं आया है। मेरे पिता महेश जोशी ने नर्मदा का प्रथम चरण लाने का काम किया। भाई अश्विन जोशी ने बोरिंग से लोगों के घरों तक पानी पहुंचाया। उनका नाम पानी वाले बाबा पड़ा। मेरा प्रयास होगा कि घर-घर नर्मदा का पानी पहुंचाकर लोगों को राहत दी जाए। मैं चाहता हूं कि मैं भी लोगों के बीच पानी वाले बाबा के रूप में पहचाना जाऊं।
कान्ह नदी : कान्ह नदी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र में आती है, इसलिए सभी को मिलकर काम करना होगा। कान्ह नदी शुद्धिकरण पर करोड़ों खर्च हो चुके हैं। नाला टेपिंग सही ढंग से नहीं होने से दूषित पानी नदी में आ रहा है। पुरानी योजना में खर्च किए गए करोड़ों रुपए का हिसाब भी अफसरों से लिया जाएगा। दूषित पानी को रोके बगैर नदी साफ नहीं हो सकती है। इसके लिए विशेष प्रयास करेंगे।
व्यापारी वर्ग : विधानसभा 3 का अधिकांश इलाका व्यावसायिक है। यहां के व्यापारी परेशान हैं। नगर निगम अलग टैक्स थोप रहा है। प्रयास रहेगा कि व्यापारियों को ऐसा माहौल उपलब्ध कराया जाए कि वे भय और परेशानी मुक्त होकर कारोबार कर सकें। उनका व्यापार और आगे कैसे बढ़े, इस बारे में व्यापारियों से ही बात कर योजना बनाई जाएगी। शहर की व्यापारिक गतिविधियों को और बढ़ाया जाएगा।
नशे पर अंकुश : नाइट कल्चर के नाम पर नशाखोरी बढ़ गई है। यह शहर की संस्कृति के खिलाफ है। युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में आ रहा है। इस दिशा में पुलिस का भी सख्ती करनी होगी। शहर की सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों का भी सहयोग लिया जाएगा। नशा छोडऩे वालों के लिए नशामुक्ति अभियान चलाया जाएगा। शहर को नशा मुक्त करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।