चौपाल में बोले व्यापारी- संतोषजनक नहीं है अफसरों का रवैया......
इंदौर। व्यापार के केंद्र इंदौर पर प्रदेश की नजर रहती है। सभी दल व्यापार के अनुकूल माहौल बनाने का दावा भी करते हैं। फिर भी कई बिंदुओं पर काम करने की जरूरत है। ‘पत्रिका’ टीम चुनावी चौपाल के लिए व्यापारियों के बीच पहुंची। व्यापारियों ने पीड़ा साझा की कि कुछ अफसरों का रवैया सरकार की मंशा को हकीकत नहीं बनने दे रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर ठीक काम हुआ है, लेकिन निवेश और रोजगार पर और काम होना चाहिए।
पिछली सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर अच्छा काम किया है, आने वाली सरकार रोजगार पर काम करे। इन्वेस्टमेंट पर कोशिश हुई है, लेकिन जो इन्वेस्टमेंट आना चाहिए था, उतना आ नहीं पाया है। सूक्ष्म, मध्यम और लघु उद्योग की पॉलिसी ग्राउंड पर उतारनी होगी। -दीपक भंडारी
अधिकारियों के रवैये के कारण व्यापारी 25 से 30 फीसदी ही समय अपने व्यापार में दे पाता है। इससे व्यापार भी प्रभावित होता है, जबकि सभी व्यापारी टैक्स आदि देने में हर बिंदु का ध्यान रखते हैं। -अशोक जैन
जीएसटी की प्रोसेस समझने में बहुत ज्यादा समय निकल जाता है। इस वजह से व्यापार में कम समय दे पाते हैं। जीएसटी की कमेटी में व्यापारियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। -सुधीर चौपड़ा
सरकारों को किसानों और कर्मचारियों की तरह व्यापारियों पर भी ध्यान देना होगा। नहीं तो देश का व्यापारी विदेश में अपने उद्योग धंधे लगाने लगेगा, इससे देश का व्यापार विदेशों में चला जाएगा। -भरत पटवा
राज्य की टैक्सेशन पॉलिसी क्लियर नहीं है। यहां पर मंडी टैक्स अलग लगा रहे हैं व जीएसटी अलग लगा रहे हैं। इस तरह की चीजों को जब तक सरल नहीं करेंगे, तब तक व्यवसाय कभी भी नहीं बढ़ पाएगा। कोई भी सरकार आए, व्यापारी सभी के साथ सहयोग करता है। -राजकुमार साहू
केंद्र हो या राज्य सरकार, व्यापार को बढ़ाना है तो उसमें सरलता होनी चाहिए। व्यापारी के लिए सारे कानूनों समझना संभव नहीं है। नियम सरल करने की जरूरत है। सरकार इस पर विचार करे। -अशोक बडज़ात्या