
MP News: मध्यप्रदेश की आर्थिक इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अबतक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसको लेकर जमकर बवाल मचा हुआ है। सीएम डॉ मोहन यादव ने सख्ती दिखाते हुए दो अफसरों को हटा दिया है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एआई से पूछ लिया कि दूषित पानी पीने से हुई मौतों का जिम्मेदार कौन?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने एक्स के ग्रोक से एआई से सवाल पूछा कि हे @grok इंदौर में जहरीले पानी पीने से हुई मौतों का जिम्मेदार कौनसा मंत्री है? जिसपर ग्रोक ने जवाब दिया कि इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के लिए मध्य प्रदेश के शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है, क्योंकि उनका विभाग नगर निगम की जल आपूर्ति संभालता है। समाचार स्रोतों के अनुसार, जांच चल रही है और बैक्टीरियल संक्रमण पुष्ट हुआ है।
हालांकि, पत्रिका रिपोर्टर ने भी इसकी पड़ताल की। जिसमें ग्रोक से पूछा कि हे @grok इंदौर में जहरीले पानी पीने से हुई मौतों का जिम्मेदार कौनसा मंत्री है? इस पर ग्रोक ने जवाब दिया- 'इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के शहरी विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदार माना जा रहा है। वे इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र के विधायक भी हैं और इस घटना में अधिकारियों की लापरवाही को स्वीकार करते हुए कार्रवाई की बात कही है। विपक्ष ने उनकी इस्तीफे की मांग की है।'
'इस घटना में पानी की पाइपलाइन में रिसाव और उसके ऊपर शौचालय बनाए जाने से दूषित पानी की सप्लाई हुई, जिससे 7-10 मौतें हुईं और 1100 से ज्यादा लोग बीमार पड़े। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जांच समिति गठित की और कुछ अधिकारियों को निलंबित किया। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट का नाम भी कुछ रिपोर्टों में आया है, लेकिन मुख्य जिम्मेदारी शहरी विकास विभाग की है।'
Published on:
02 Jan 2026 06:17 pm
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