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ऑनलाइन सट्टे का था किंग, मुंबई से किया था गिरफ्तार, ईडी व आईटी भी करेगा जांच

-३२ कंपनियों के जरिए कर रहा था फर्जीवाड़ा, महाराष्ट्र में यह काफी जगह चलता है।  

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इंदौर. क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए ऑनलाइन सट्टा किंग अचल चौरसिया ने ३२ कंपनियां रजिस्टर्ड करवा रखी थीं, जिनके जरिये वह ऑनलाइन सट्टे का कारोबार संचालित करता था। अब क्राइम ब्रांच इसकी जानकारी ईडी व आयकर विभाग को दे रहा है।एएसपी क्राइम अमरेंद्र सिंह चौहान ने बताया, अचल चौरसिया को मुंबई से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा है। अन्य जिन जगहों पर वह फरार घोषित है, वहां की पुलिस को भी उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। अचल ने केस दर्ज होने के बाद अपना घर व ऑफिस बदल लिया था। ऑफिस व घर पर धरपकड़ नहीं हो पाने के चलते पुलिस ने इसके रास्ते पर नजर रखी व उसे पकड़ा। अचल ने पूछताछ में बताया, ऑनलाइन सट्टे के कारोबार से आने वाली राशि का ट्रांजेक्शन वह इन ३२ कंपनियों के जरिए ही कर रहा था। भारत सहित १५ देशों में उसका नेटवर्क फैला हुआ है। भारत में भी सात राज्यों में ऑनलाइन सट्टा चला रहा था। इसका लोगों में इतना क्रेज था कि कुछ ही समय में कंपनी का सालाना टर्न ओव्हर २०० करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

बोला, गेमिंग गलत नहीं
पूछताछ में अचल यही कहता रहा कि ऑनलाइन गेमिंग गलत नहीं है। महाराष्ट्र में यह काफी जगह चलता है। हालांकि वह इस बात का जबाव नहीं दे पाया कि ऑनलाइन गेमिंग की लिंक देने के लिए उनकी कंपनी के लोग फर्जी दस्तावेज से सिम लेकर क्यों इस्तेमाल कर रहे थे? वहीं इस साफ्टवेयर में वहीं अंक क्यों आता है, जिस पर सबसे कम पैसा लगता है। करोड़ों का टर्नओवर करने व कई कंपनियों का संचालन करने के चलते अब प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) व आयकर विभाग को इसकी छानबीन करेंगी। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों ही इंदौर पुलिस ने इंटरस्टेट कार चोर गिरोह को पकड़ा था। यह गिरोह भी गुजरात में कार बेचता था।