
यूपी-बिहार की तरह मस्तिष्क ज्वर के फैलने से पहले होना होगा अलर्ट
इंदौर. देश में नवजात और बच्चों की मृत्यु का प्रमुख कारण निमोनिया, डायरिया और कुपोषण देखा गया है, लेकिन हालही की बात करे तो डेंगू सबसे ज्यादा उभरती हुई बीमारी है। यूपी व बिहार में फैले मस्तिष्क ज्वर को अन्य राज्यों में फैलने से रोकने के लिए अभी से अलर्ट होने की जरुरत है।
इंदौर अकादमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईपीए) द्वारा इन्फेक्शन और इलाज विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में देशभर से आए विशेषज्ञों ने प्रदेश के डॉक्टरों के साथ मानसून में होने वाले इन्फ़ेक्शन और उनकी रोकथाम पर इस तरह के कई अनुभव साझा किए। शोलापुर से आए डॉ संजय घोड़पड़े ने कहा यूपी और बिहार में नवजात व बच्चों में मस्तिष्क ज्वर तेजी से बढ़ रहा है। अब समय रहते सरकार को इन राज्यों के साथ अन्य राज्यों में भी इस बीमारी के लिए नि:शुल्क वेक्सिनेशन उपलब्ध करना जरुरी है। माइग्रेशन के कारण यह बीमारी अन्य राज्यों में फैलने का खतरा है। कार्यशाला में पुणे के डॉ. प्रमोद जोग और डॉ. प्रमोद कुलकर्णी ने रोटा वायरस और निमोकोकल जैसे वेक्सिन पर जानकारी दी। आईपीए सेक्रेट्री डॉ श्रीलेखा जोशी ने बताया, पहली बार हमने एकेडमिक एक्टिविटी के साथ जन सेवा कार्य किया है। जिसके तहत 18 ऐसे बच्चें का नि:शुल्क इलाज के लिए चयन किया है, जिनको लम्बे समय से इन्फेक्शन से सम्बंधित बीमारियां थी।
रोटा वायरस की जानकारी पहुंचाना जरुरी
डॉ. केके अरोरा ने कहा, सरकार द्वारा लम्बे समय से पोलियो ड्रॉप दिए जा रहे थे, यह उसी का नतीजा है जो आज देश से पोलियो लगभग खत्म हो गया है। सरकार द्वारा अब रोटा वायरस वैक्सीन नि:शुल्क दी जा रही है, डायरिया और निमोकोकल निमोनिया से बचाव होता है। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह जानकारी पहुंचना जरुरी है। देश में इंफेंट मोर्टिलिटी रेट (आईएमआर) जीवित हजार बच्चों पर 39 है। वहीं यह आंकड़ा मप्र में 47 का है। आईएमआर कम करने के लिए डायरिया और निमोनिया जैसी बीमारियों पर काबू पाना जरुरी है।
अब देश को जरूरत टाईफाईड वैक्सीन की
डॉ. वीपी गोस्वामी ने बताया, अब देश में टाईफाईड के लिए सरकारी अस्पतालों में निशुल्क वैक्सीन की जरूरत है। लोगों को भी जागरूक होना होगा वो ट्रान्सफर या ट्रैनिंग के लिए किसी अन्य राज्य में जा रहे है और साथ में बच्चे हैं तो पहले जानकारी जरूर ले की उस राज्य में किसे तरह का वायरस तो नहीं जो बच्चों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। ऐसी स्थिति में पहले से वैक्सीन का इस्तेमाल करें।
Published on:
03 Jun 2018 07:52 pm
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