प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक संगठन एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश (एआईएमपी) में दो वर्ष के लिए नई कार्यकारिणी का चुनाव निर्विरोध हो गया है।
इंदौर. प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक संगठन एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश (एआईएमपी) में दो वर्ष के लिए नई कार्यकारिणी का चुनाव निर्विरोध हो गया है। प्रदेश के उद्योग जगत ने २०१९ तक अपनी परेशानी, समस्याओं और सुविधाओं सहित अन्य मसलों के लिए जिम्मेदार तय कर दिए हैं। अब संगठन को अपनी प्राथमिकताएं तय करना होंगी और उन चुनौतियों का भी सामना करना होगा जो उद्योग के विकास में बाधा है। पालदा में ५०० छोटी-बड़ी इंडस्ट्री हैं। इसे औद्योगिक क्षेत्र के दर्जे की दरकार है। सडक़, पानी, बिजली, ड्रेनेज और सुरक्षा जैसी सुविधा के लिए उद्योगपति तरस रहे हैं। ६ साल से क्षेत्र को सरकार की मान्यता का इंतजार है।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास करेंगे
औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली, पानी, सडक़, सुरक्षा, ड्रेनेज लाइन जैसी मूलभूत सुविधाओं के अलावा प्रदेश सरकार के सिंगल विंडो सिस्टम को हम एआईएमपी में लागू करेंगे। उद्योग स्थापित करने से लेकर आने वाली समस्याओं का हमारे ऑफिस में हेल्प सेंटर खोला जाएगा। लघु उद्योगों से निर्यात के विस्तार के लिए बड़ा प्लान बनाया है। उद्योगपतियों में जागरूकता के लिए सेमिनार होंगे। लघु उद्योगों की क्षमताएं बढ़ाने के अलावा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। अगले दो साल में ४०० नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है।
- योगेश मेहता, सचिव, एआईएमपी
ये हैं प्रमुख चुनौतियां
उतार-चढ़ाव भरी आर्थिक स्थिति के बीच लघु-सूक्ष्म उद्योगों का विस्तार।
प्रदेश सरकार की नीतियों और लघु उद्योगों की समस्याओं के बीच तालमेल।
एसोसिएशन के सदस्यों को संतुष्ट करना।
औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सूविधाएं।
१५ हजार करोड़ रुपए वार्षिक टर्नओवर देने वाले सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में पानी की समस्या, स्ट्रीट लाइट नहीं होने से चोरी और लूट की घटनाएं रोकना।
सभी हिस्से में ड्रेनेज लाइन डालना। सभी सेक्टर में सडक़ निर्माण।
२५०० इंडस्ट्री वाले सांवेर रोड में फायर स्टेशन का निर्माण।
पालदा को औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा दिलाना
कब बनेगा एग्जीबिशन सेंटर
गणपति स्टील के अमित जोशी का कहना है, इंदौर में एक भी सरकारी कन्वेंशन सेंटर नहीं है। पिछले पांच साल से सरकार घोषणाएं कर रही है, काम आगे भी बढ़ा है, लेकिन संकेत ठीक नहीं है।
मार्ग संकेतक और प्रवेश द्वार
सनातन बस बॉडी के शिवनारायण का कहना है, तीन समिट से ऐलान हो रहा है औद्योगिक संगठनों में मार्ग संकेतक एवं प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, लेकिन अब तक कहीं ऐसा नहीं हुआ।
शुरू हो सरकारी मदद से विदेशी दौरे
शांता फॉम्र्स की प्रमुख पल्लवी व्यास ने कहा, उद्योगपियों को आधुनिक तकनीक सीखने के लिए विदेश यात्रा पर सबसिडी दी जाती है। लंबे समय से एआईएमपी के माध्यम से ऐसी यात्राएं नहीं हो रही हैं, नई कार्यकारिणी को इस पर ध्यान देना चाहिए।