शहर की आवाज: 24 घंटे वर्किंग के लिए प्रशासन करे इंतजाम, चाय-नाश्ते की दुकानों की आड़ में नशाखोरी पर लगे लगाम
इंदौर. शासन की मंशा 24 घंटे वर्किंग को बढ़ावा देने की थी, ताकि शहर तरक्की करे। रात में काम करने में परेशानी न हो और कर्मचारियों को सुविधा व सुरक्षा मिले। इससे उलट नाइट कल्चर चलन में आ गया। ऑफिस, प्रतिष्ठान तो नहीं खुले, लेकिन चाय-नाश्ते के ठिए आबाद हो गए। यहां रातभर हुड़दंग होता है। नाइट कल्चर की आड़ में मौज-मस्ती को लेकर पत्रिका ने ऑनलाइन सर्वे किया। शहरवासियों ने कहा कि 24 घंटे वर्किंग फ्रेंडली वातावरण की जरूरत है, नाइट कल्चर की नहीं। नशाखोरी पर प्रतिबंध लगे और शहर विकास के लिए 24 घंटे वर्किंग का वातावरण तैयार हो। जनप्रतिनिधि व अफसर भी 24 घंटे वर्किंग के आधार पर ही प्लानिंग की बात कह रहे हैं।
सर्वे के सवाल और शहर की राय
सवाल: बीटेक छात्र की हत्या के बाद परिजन ने इंदौर में नाइट कल्चर बंद करने की मांग की है, इससे आप सहमत हैं?हां: 87.3%
नहीं: 8.3%
कह नहीं सकते: 4.4%
सवाल: क्या नाइट कल्चर से शहर की छवि पर विपरीत असर पड़ रहा है?हां: 88.2%
नहीं: 10.6%कह नहीं सकते: 1.2%
सवाल: क्या इससे अपसंस्कृति आई है, अपराध, निरंकुशता बढ़ी है?
हां: 91%नहीं: 7%
कह नहीं सकते: 2%
सवाल: नाइट कल्चर के दौरान पुलिस व्यवस्था नाकाफी है? पुलिस असफल साबित हो रही है?हां- 81.1%
नहीं- 6.1%कह नहींं सकते- 12.8%
शहर के सुझाव
- 24 घंटे काम करना शहर विकास के लिए जरूरी है। प्रशासन व्यवस्था बनाए, ताकि आइटी और मल्टीनेशनल कंपनियोंं के कर्मचारियों को रात में काम करने में दिक्कत न हो। रात की वर्किंग की आड़ में नशाखोरी, हंगामा नहीं होना चाहिए।- नाइट कल्चर के दौरान हॉस्टल के छात्र-छात्राओं को घूमते ज्यादा देखा जाता है। इन पर सख्ती जरूरी है।
- बदमाशों पर लगाम के लिए पुलिस को रात्रि गश्त बढ़ानी होगी।- नाइट वर्किंग के लिए प्रशासन को मूलभूत तैयारियां करने की जरूरत है, अधूरी तैयारी से व्यवस्था बिगड़ रही है।
- नशाखोरी व मनमानी के अड्डों को बंद करने की जरूरत है।
सर्वे की जरूरत इसलिए
एमआइजी तिराहे की चाय दुकान के पास रात करीब 2 बजे कुछ युवतियांं एक युवती को सड़क पर पटककर पीटती हैं। मारपीट का वीडियो वायरल होने पर नाइट कल्चर पर सवाल उठने लगते हैं। देर रात युवक-युवतियों के नशे में मारपीट के कई मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन, पुलिस पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की बात करती है, लेकिन ऐसा होता नहीं है। बीटेक छात्र की हत्या के बाद युवती व उसके साथी फरार हो जाते हैं और गश्त कर रही टीम को नजर नहीं आते।
जनप्रतिनिधियों व अफसरों की राय
24 घंटे काम का माहौल तैयार करना है
शहर के विकास के लिए कंपनियों को 24 घंटे काम करने के लिए प्रोत्साहित करने पर प्रशासन का जोर है। रात में वर्किंग का उद्देश्य था कि आइटी कंपनियां, कॉल सेंटर 24 घंटे काम करें और उनके कर्मचारियों को समस्या न हो। इसके लिए उन्हें सुविधाएं-सुरक्षा मुहैया करानी थी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। रात में होने वाले हंगामेे को बंद कराकर 24 घंटे काम करने का माहौल तैयार किया जाएगा। प्रशासन के साथ कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा।
शंकर लालवानी, सांसद
जनप्रतिनिधियोंं के साथ करेंगे बैठक
प्रशासन की मंशा 24 घंटे वर्किंग की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर रिव्यू किया जाएगा। मैं भी क्षेत्र का निरीक्षण करूंगा। इसके बाद फैसला लिया जाएगा।
डॉ. इलैया राजा टी, कलेक्टर
सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करेंगे
24 घंटे वर्किंग का माहौल बनाने का प्रयास होगा। रात में काम करने वालों की सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है, इस पर काम करेंगे। हुड़दंग नहीं होने देंगे।
मकरंद देउस्कर, पुलिस कमिश्नर