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JEE Main 2026 : जेईई मेन सेशन-1 का रिजल्ट जारी, रिद्धेश बेंडाले बने एमपी टॉपर, सीएम मोहन ने दी बधाई

JEE Main 2026 : जेईई मेन्स सेशन-1 रिजल्ट सोमवार को जारी किया गया है। इंदौर के रिद्धेश बेंडाले और पार्थ माहेश्वरी टॉपर रहे हैं। लड़कियों में अनुष्का अग्रवाल ने बाजी मारी है।
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इंदौर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 17 Feb 2026, 8:55 AM IST

JEE Main 2026

जेईई मेन सेशन-1 का रिजल्ट जारी (photo source- patrika)

JEE Main 2026 : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने सोमवार को जेईई मेन्स सेशन-1 का रिजल्ट जारी कर दिया। इसमें मध्य प्रदेश के इंदौर में रहने वाले रिद्धेश बेंडाले ने 99.99 परसेंटाइल के साथ स्टेट में टॉप किया। रिद्धेश इससे पहले 55वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलम्पियाड 2025 में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।

जेईई मेन्स सेशन-1 की परीक्षाएं 21, 22, 23, 24 और 28 जनवरी तक आयोजित की गई। जिले में तीन केंद्रों पर हुई परीक्षा में करीब 2800 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। पेपर दो सत्रों में आयोजित किए गए। विशेषज्ञ विजित जैन के मुताबिक इस बार इंदौर का रिजल्ट बेहतर रहा है। करीब 10 और विद्यार्थियों के 99.9921 परसेंटाइल बने हैं। हालांकि रैंक मेन्स-2 के बाद जारी होती है लेकिन परसेंटाइल में भी अच्छा प्रदर्शन रहा है।

सीएम मोहन ने दी बधाई

जेईई मेन्स सेशन-1 के परिणाम में मध्य प्रदेश का नाम रोशन करने वाले छात्रों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बधाई दी है। सीएम ने अपने सोशल मीडिया डैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- 'JEE Main परीक्षा में सफल होने वाले प्रदेश के सभी परिश्रमी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई। इंदौर के रिद्धेश बेंडाले को प्रदेश में प्रथम स्थान और अनुष्का अग्रवाल को 'स्टेट गर्ल्स टॉपर' बनने पर विशेष बधाई। आप सभी के उज्जवल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं!

केमेस्ट्री के बेसिक समझकर आगे बढ़ा

महाराष्ट्र के रहने वाले रिद्धेश बेंडाले दो साल से इंदौर में पढ़ाई कर रहे हैं। वह केमेस्ट्री में कमजोर थे, उन्होंने उसके बेसिक समझना शुरू किए। तनाव दूर करने के लिए वह टहलने जाते और गाने सुनते थे। वह बताते हैं कि परिवार ने कभी ज्यादा नंबर लाने का दबाव नहीं बनाया। जैसा प्रदर्शन रहता, उसे सराहते हुए आगे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते थे। वह आइआइटी बॉम्बे से मैथ्स या कम्प्यूटर की पढ़ाई करना चाहते हैं।

तैयारी ऐसे… 10-12 घंटे पढ़ाई की

पार्थ माहेश्वरी के 99.99 परसेंटाइल बने हैं। वह बताते हैं कि उनके पिता सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वह उन्हीं की तरह बनना चाहते हैं। उन्होंने पहले अपना सिलेबस पूरा किया, फिर कठिन टॉपिक्स को पढऩे की कोशिश की। 10 से 12 घंटे कंसीसटेंसी के साथ पढ़ाई कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।

गलती से सीखकर आगे बढ़ो

अनुष्का अग्रवाल 99.96 परसेंटाइल के साथ गल्र्स स्टेट टॉपर बनींं। वह बतातीं हैं कि 15 घंटे पढ़ाई करना मुश्किल था लेकिन लगातार कोशिश के बाद यह रूटीन में आ गया। माता-पिता हमेशा मोटिवेट करते रहे। गलती होने या कम नंबर आने पर हमेशा समझाते कि गलती से सीखकर उसे सुधारते हुए आगे बढ़ो। आइआइटी बॉम्बे या आइआइटी कानपुर से सीएस करना है। कल्पवृक्ष की फैकल्टी के सपोर्ट से उन्हें यह सफलता मिली।

मैथ्स-केमेस्ट्री पर किया फोकस

धार के श्रेयांश जोशी ने दो साल इंदौर में तैयारी कर 99.95 परसेंटाइल बनाए। पिता किसान हैं। मैथ्स कमजोर था, जिसे लगातार मेहनत कर एक साल में कवर किया। केमेस्ट्री भी ठीक नहीं थी, इसलिए परीक्षा के लिए इस पर ज्यादा फोकस किया।

सीएस के लिए लिया ड्रॉप

अक्षय गोयल ने सीएस ब्रांच के लिए एक साल का ड्रॉप लिया और 99.96 परसेंटाइल हासिल किए। यह दूसरा प्रयास था। इस बार उन्होंने रिवीजन पर ज्यादा फोकस किया और सभी टेस्ट दिए। 11-12 घंटे की पढ़ाई के बाद स्ट्रेस दूर करने के लिए टीवी और फोन चलाते थे।

कल्पवृक्ष वालों ने किया कमाल

कल्पवृक्ष के गौतम भट्ट ने 99.94 परसेंटाइल, एकलव्य जाट 99.92 परसेंटाइल, शार्विल शर्मा 99.91 परसेंटाइल, दक्ष जैन 99.88 परसेंटाइल, अरनव रावत 99.87 परसेंटाइल, युवराज शर्मा 99.87 परसेंटाइल, शीर्य कटारिया 99.87 परसेंटाइल और दिव्यांक भत्तड़ ने 99.86 परसेंटाइल हासिल किए हैं। कल्पवृक्ष के डायरेक्टर विजित जैन ने बताया कि कल्पवृक्ष ने शुरूआत से अब तक 2950 से भी ज्यादा आइआइटियन दिए हैं।