3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिजली कंपनी दे रही महिलाओं को भर्ती

बजली कंपनीयों ने प्रदेश के ३० केंद्रों की कमान नारी शक्ति को सौंपी

less than 1 minute read
Google source verification
women recruitment  in electricity compnies

इंदौर. अब देहात और शहर के स्लम इलाकों में बिजली की मीटर रीडिंग, बिल बांटने और बकाया राशि की वसूली आदि काम महिलाएं करेंगी। प्रदेश में पहली बार इस तरह का प्रयोग पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर करने का जा रही है। पहले चरण में हर जिले के दो केंद्रों और कंपनी क्षेत्र के तीस केंद्रों का जिम्मा नारी शक्ति यानी स्वसहायता समूह (एसएचजी) को दिया जा रहा हैं। प्रदेश में इस प्रयास की खुब सरहाना हो रही है। एसे प्रयासो से महिलाओं को समाज मेेें अपनी एक नई जगह बनाने का अवसर मिलेगा।

बिजली व्यवस्था का काम सौपने के निर्देश दिए
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री पारसचंद्र जैन ने बिजली मित्र योजना के माध्यम से देहात व स्लम इलाकों में व्यवस्था चलाने और इन इलाकों में बिजली सेवा और वसूली में बेहतरी के लिए कहा था। बिजली कंपनी के एमडी आकाश त्रिपाठी ने सभी पंद्रह जिलों इंदौर, धार, आलीराजपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, इााबुआ, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, आगर, नीमच, देवास के अधीक्षण यंत्रियों को बिजली मित्र योजना के माध्यम से स्वसहायता समूह की चुनिंदा महिलाओं या फिर पूरे समूह को जोड़कर क्षेत्र विशेष की बिजली व्यवस्था का काम सौपने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक जिले के दो इंजीनियरों व कुल तीस बिजली इंजीनियरों ने यह काम प्रारंभ भी कर दिया हैं। नवंबर से संभवत: इस कार्य के अमल में महिलाओं की बिजली मामलों में घर-घर विधिवत आमद भी प्रारंभ हो जाएगी।

महिलाओं को हम मानदेय भी देंगे
बिजली चोरी करने के मामलो की भी कम होने की आक्षंका है।मप्र में पहली बार हर जिले के कम से कम दो केंद्रों के कुछ हिस्सों में स्व सहायता समूह की महिलाओं को जोड़कर बिल, रीडिंग व राशि वसूलने की कार्रवाई कराई जाएगी। इन महिलाओं को हम मानदेय भी देंगे। इससे हमारी वसूली बढ़ेगी, चोरी रोकने में कामयाबी मिलेगी। आकाश त्रिपाठी, एमडी

Story Loader