
इंदौर. आरआर कैट एवं इंडियन सोसाइटी फॉर रेडिएशन फिजिक्स ने संयुक्त रूप से रेडिएशन फिजिक्स पर 21वें राष्ट्रीय सेमिनार की शुरुआत सोमवार से की। तीन दिनी सेमिनार में देशभर के वैज्ञानिक, विशेषज्ञ अपने रिसर्च पेपर के साथ पहुंचे। उद्घाटन समारो?ह के मुख्य अतिथि आईयूएसी नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. अमित रॉय थे। अध्यक्षता कैट निदेशक डॉ. पीए नाइक ने की। इसमें विशेषज्ञों ने रेडिएशन के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे उपयोग के बारे में बताया।
डॉ. नाइक ने कहा कि कैट ने चोइथराम सब्जी मंडी के पास एक एग्रीकल्चरल रेडिएशन सेंटर तैयार किया है। इसमें गामा रेज का उपयोग कर सब्जियों को सडऩे से बचाया जा सकता है। ये विदेशों में एक्सपोर्ट करने वाले फूड प्रोडक्ट्स के लिए काफी लाभदायक हैं। इस तकनीक से फूड प्रोडक्ट्स में बैक्टेरिया खत्म हो जाते हैं, इसलिए अमरीका जैसे देशों में इन्हें एंट्री मिल सकती है। आलू और प्याज के अंकुरित होने से भी ये रेडिएशन रोकेगी। इसके साथ ही कैट ने नगर निगम के लिए कबीटखेड़ी में वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया है। इसमें भी कचरे का निपटान रेडिएशन से ही होगा।
186 रिसर्च पेपर
डॉ. पीसी केशवन पूर्व ग्रुप डायरेक्टर बार्क, एनएसआरपी २१ के संयोजक संजय चौकसे, सचिव डॉ. हरिदास मौजूद थे। कार्यक्रम में रेडिएशन टेक्नोलॉजी के बहुंमुखी उपयोग, फिजिक्स विद न्यूट्रोन और इसके एप्लीकेशन सहित रेडिएशन फिजिक्स से जुड़े कई विषयों पर अतिथियों ने जानकारी दी। प्रसिद्ध रेडिएशन वैज्ञानिक डॉ. गोपीनाथ ने रेडिएशन लीकेज के दौरान बचने के तरीके समझाए। ‘रिसर्च एंड एडवांस रेडिएशन फैसिलिटी’ थीम पर भी विशेषज्ञों ने अपनी रिसर्च साझा की। सेमिनार के दौरान १८६ रिसर्च पेपर प्रस्तुत होंगे।
मैनेजमेंट कॉलेजों में बेतहाशा सीट बढ़ोतरी और इसके लिहाज से छात्रों की कमी के चलते इस साल भी प्रदेश के कई कॉलेजों ने सीटें सरेंडर करने और कटौती के लिए एआईसीटीई को आवेदन दिया है। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में से भी तीन कॉलेज भी कतार में हैं।
Published on:
06 Mar 2018 12:22 pm
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