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कर्म ही धर्म संस्था ने मूक-बधिर बच्चों के लिए सोशल मीडिया से जुटाई मदद

कर्म ही धर्म संस्था सदस्यों का एक महीने में 25 हजार रुपए जुटाने का था लक्ष्य, तय सीमा से पहले ही मिल गई राशि

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कर्म ही धर्म संस्था ने मूक-बधिर बच्चों के लिए सोशल मीडिया से जुटाई मदद

इंदौर. शहर के महूनाका पर स्थित मूक-बधिर स्कूल में ऑडियोमीटर मशीन के लिए शहर के युवाओं के एक समूह ने सोशल मीडिया के माध्यम से फंड इकट्ठा किया। ग्रुप को उम्मीद थी कि मशीन के लिए जरूरी राशि एक महीने में जमा हो पाएगी, लेकिन लोगों ने इस पहल पर तेजी से प्रतिक्रिया दी और यह राशि 15 दिन के अंदर ही इकट्ठा हो गई। ग्रुप ने पिछले रविवार को मशीन के लिए यह राशि चेक से दी।

शहर के युवाओं के एक ग्रुप ‘कर्म ही धर्म’ द्वारा हर महीने प्रत्येक सदस्य से दो सौ रुपए इकट्ठा किए जाते हैं और जरूरतमंदों की मदद की जाती है। ग्रुप के महिमन कश्यप और जय वैष्णव ने बताया, हमें स्कूल में इस मशीन की जरूरत का पता चला था। मशीन की कीमत 25 हजार रुपए थी और यह हमारे लिए बहुत बड़ी राशि थी। हमने इसे इकट्ठा करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से डोनेशन की अपील की।

हमें तय समय सीमा से पहले ही यह राशि मिल गई और पिछले रविवार को हमने स्कूल में हुए एक कार्यक्रम में मशीन के लिए यह चेक कंपनी को सौंप दिया। स्कूल के संचालक आरएस चौहान बताते हैं कि स्कूल की हर चीज डोनेशन से आई है। वे बताते हैं कि यहां बच्चों के लिए टेबल-कुर्सी की बात हो या वाटर कूलर की। शहर के लोगों द्वारा दिए गए डोनेशन से ही पूरा स्कूल संचालित हो रहा है।

इस तरह से होता है इलाज
आश्रम के बच्चों का इलाज करने वाले डॉक्टर अंकुर चौहान बताते हैं कि मूक-बधिर बच्चों के इलाज के लिए ग्रुप द्वारा ऑडियोमीटर मशीन दी गई है। मशीन के उपयोग से बच्चों की सुनने और बोलने की क्षमता का आकलन किया जाता है। कम उम्र के बच्चे ठीक से बता नहीं पाते कि उन्हें बोलने और सुनने में क्या समस्या आ रही है। इसी समस्या को ठीक करने में इस मशीन का उपयोग किया जाता है। मशीन से जांच के बाद उनका इलाज शुरू किया जाता है। यह मशीन उनके बोलने और सुनने की क्षमता को बेहतर करने में बहुत मददगार साबित होती है।