
इंदौर. खेल के दौरान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों को चोट लगने पर उनका इलाज अब इंदौर में ही हो सकेगा। दरअसल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध संस्था एमजीएम अलाइड हेल्थ साइंसेस इंस्टीट्यूट (माहिसी) में 30 लाख की लागत से स्पोट्र्स इंज्यूरी रिहेबिलिटेशन सेंटर का निर्माण पूरा हो चुका है।
इसका उद्घाटन गुरुवार को बजे कॉलेज सभागृह में आयोजित स्थापना दिवस समारोह के दौरान पद्मभूषण प्रोफेसर निर्मल कुमार गांगुली करेंगे। कार्यक्रम में बूटी फाउंडेशन अहमदाबाद की अध्यक्ष प्रो. बिमला बूटी वर्चुअली से जुड़ेंगी।
माहिसी के उप संचालक डॉ. हेमंत शुक्ला ने बताया, सेंटर में स्पोट्र्स साइंस के तहत प्रशिक्षित डॉक्टर व फिजियोथैरेपिस्ट यहां सेवाएं देंगे। इंदौर में होने वाले राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों के दौरान भी खिलाडिय़ों को चोट लगने पर यहां अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से उनका इलाज हो सकेगा। फिलहाल मप्र में एक मात्र सेंटर खेल एवं युवक कल्याण विभाग द्वारा भोपाल में संचालित हो रहा है। इंदौर में दूसरा बड़ा सेंटर होगा।
कॉलेज में बनाई गैलरी
फिजियोथैरेपी के स्टूडेंट्स के लिए एक गैलरी बनाई गई है। इसमें क्रिकेट, फुटबॉल, टेबल टेनिस, हॉकी, वालीबॉल, कुश्ती, दौड़, वेट लिफ्टिंग में लगने वाली चोटों की जानकारी साझा की है।
ये उपकरण रहेंगे उपलब्ध
इलेक्ट्रोथैरेपी मशीन, एडवांस लेजर, रशियन करंट थैरेपी, माइक्रोवेव डायथर्मी, एडमिन एंड क्रॉस ट्रेनर्स थैरेपी के माध्यम से इलाज मिल सकेगा। साथ ही गेट एनालीसिस लैब का निर्माण भी जल्द होगा।
इंदौर में ही कर्ई कुश्ती खिलाड़ी ऐसे हैं, जो चोट के कारण खेल से बाहर हो गए। अलग से स्पोट्र्स इंज्यूरी रिहेबिलिटेशन सेंटर यहां नहीं है। इसे खोले जाने पर कम शुल्क पर खिलाडिय़ों का बेहतर उपचार मिल सकेगा। - अजय वैष्णव, कुश्ती कोच
एक अच्छे खिलाड़ी को गढऩे में सालों लग जाते हैं। एक चोट से उनका कॅरियर खत्म हो सकता है। अगर उसका समय पर सही इलाज हो जाए तो उसको मदद मिलेगी। सेंटर में खिलाडिय़ों को बेहतर उपचार प्रदान किया जाएगा। - डीके तनेजा, डायरेक्टर (माहिसी)
Published on:
27 Jul 2023 06:46 pm
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