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एक सोच ने बदली जिंदगी, दुनियाभर को भी फायदा पहुंचा रहा इनका स्टार्टअप

वल्र्ड थिंकिंग डे आज:-कोविड-19 के दौरान दिमाग में आया आइडिया, आज छू रहा ऊंचाईयां

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इंदौर

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Reena Sharma

Feb 21, 2022

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इंदौर. एक छोटी सी सोच न सिर्फ खुदकी बल्कि ओरों की भी जिंदगी में कई बदलाव ला सकती है और कईयों को फायदा पहुंचा सकती है। पत्रिका ने वल्र्ड थिंकिंग डे पर कुछ ऐसे ही यंगस्टर्स से बात की, जिन्होंने कोविड-19 के दौरान यानि साल 2020 में खुदका कोई स्टार्टअप शुरू करने का सोचा और आज केवल एक साल में ही उनकी सोच ने सफलता की ऊंचाईयां छू ली। ये शहर के वो यंगस्टर्स है, जो खुद दो सफल हुए ही बल्कि दुनियाभर के लोगों को भी अपने स्टार्टअप से कहीं न कहीं लाभ पहुंचा रहे हैं।

लोगों की बीमारी पता लगा रही हमारी डिवाइस
इंदौर के विजय नगर और गीता नगर में रहने वाले सानिया जैसवानी और लोकांत जैन ने मार्च २०२० में कोविड-१९ के दौरान लोगों की हेल्थ के बारे में सोचा। एक दिन यूं ही उन्हें विचार आया कि क्यों न लोगों को अपने हेल्थ इशुज पता चल जाए ऐसा कोई स्टार्टअप शुरू किया जाए। उस दौन लोकांत और सानिया थर्ड इयर से पासआउट ही हुए थे और बैच मेट्स होने के नाते दोनों ने मिलकर अभय परिमिती नाम का प्रोडक्ट लॉंच किया। सानिया ने कहा परिमिती का मतलब भय से मुक्त होता है इसलिए हमने इसका नाम अभय परिमिती रखा।

कई कार्यालयों में कर रही है काम
लोकांत ने कहा हमने क्लीनिकल ग्रेड एक्योरिसी डिवाइस फिचर बनाया, जिसमें केवल ३० सेकंड अंगुली को रखने पर ही हार्ट, शुगर और फीवर जैसी तमाम बीमारियां सामने आ जाती है। इसे हमने डॉक्टरों की मदद के लिए भी बनाया है। यह कास्ट इफेक्टिव भी है। साथ ही अस्पतालों में लगने वाली ६ लाख रुपए की मल्टी पेरामीटर मॉनिटर को हमारी १५ हजार की डिवाइस से रिप्लेस भी कर सकती है। अब तक हमने इसे कई निजी कार्यालय, बाल विनय मंदिर, स्मार्ट सिटी ऑफीस और आंगनवाड़ी में भी लगा दिया है।

खेल-खेल में नॉलेज बढ़ाने के लिए शुरू किया एजुकेशन टॉयज का स्टार्टअप

लॉकडाउन में शुरू किया एजुकेशन टॉयज एंड गेम्स का स्टार्टअप
खेल-खेल में और मजेदार तरीके से यदि बच्चों को कुछ सिखाया जाएं तो उनके लिए कुछ भी बोझिल नहीं होता। साल २०२० अक्टुबर माह में इसी सोच के साथ रेणु केडिया और रितु कुकरेजा ने बच्चों के लिए एजुकेशन टॉयज का स्टार्टअप शुरू किया। उन्होंने कहा कोविड-१९ के दौरान जब बच्चे घर से ही पढ़ाई कर रहे थे तो उनके लिए इस तरह के गेम्स और टॉयज लेकर आने का सोचा और अब यह कई बच्चों की पसंद बन चुके हैं। रितु ने कहा कई बच्चों को मैथ्स में रूचि नहीं होती तो कईयों को साइंस में, ऐसे ही तमाम बच्चों के लिए यह इन्ट्रेस्टिंग स्टार्टअप शुरू किया है।

रेणु ने कहा ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक यह गेम्स और टॉयज पहुंचाने के लिए हमने कई अब कई शॉपिंग साइड्स से भी संपर्क भी किया है। यह सभी टॉयज न सिर्फ गेम्स की तरह है बल्कि बच्चों के लिए प्रॉब्लम सॉल्विंग की तरह भी काम कर रहे हैं।

ऐसे हैं टॉयज एंड गेम्स

-सुडोकु पजल्स : इससे बच्चे खेल भी सकते हैं और इसमें हमने कई कन्ट्रीज के फ्लेग और एनिमल्स के फोटो भी लगाए हैं ताकि पैरेंट्स बच्चो को इससे एजुकेट कर सकें।

-इंग्लिश और हिन्दी की लर्निंग किट - वेल्क्रु से अटैच इंग्लिश और हिंदी की कीट हैं। यह लिखने की शीट है और शीट को ट्रेन पर ब्लॉक्स की तरह बनाया गया है। इसमें जनरल नॉलेज की बातें लिखी हुई है।

-होम केलेंडर - इसमें बच्चे डेट, वेदर, मंथ और बल्कि अपने मूड के मुताबिक भी चेंज कर सकता है। इससे बच्चे काफी तेजी से यह सब सीख पाते हैं।

-मैथ्स केल्कुलेटर - इसमें १ से १० तक डिजिटल प्रिंटेट है, जिसमें मल्टीप्लाय, एडीशन, डिविजन और सब्सक्राइप्शन जैसे तमाम फॉरमेट है। इससे बच्चे स्क्रोल करके खेल भी सकते हैं और मैथ्स का बेसिक भी आसानी से सीख सकते हैं।

-इंटरनेशनल क्वीजिन - कौनसी कन्ट्री में क्या खाना स्पेशल है। यह सब जानकारी इस गेम से आसानी से मिल जाती है। जानकारी कलेक्टर करके इसे मेग्नेटिक बोर्ड पर लगाया जाता है।

-चोरचाल - यह एक तरह की एक्टिविटी है, जिससे बच्चे टेबल क्लीन करना, होम फिनिश करना, बेड क्लीन करना, टाइम से सोना और टाइम से उठना जैसी तमाम बातें सीखता है और बच्चे इसके टाइम टेबल को प्रॉपर फॉलो करते हैं तो उसे उन्हें गुड वर्क और ब्रेवो जैसे अवार्ड भी मिलते हैं। यह पूरा मेग्नेटिक बोर्ड है। इसमें पैरेंट्स बच्चों की मदद करते हैं और हर सात दिन में इसका टास्क बदलना भी होता है। इसके साथ अचीवमेंट्स बेग भी दिए गए हैं जो पैरेंट्स द्वारा बच्चों को गिफ्ट किए जाते हैं।