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शिक्षक : स्कूल के बजाए ​मैपिंग और निर्वाचन ड्यूटी में व्यस्त

बच्चों की पढ़ाई प्रभावितभोपाल से हर महीने पढ़ाई की हो रही मानिटरिंग

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शिक्षक : स्कूल के बजाए ​मैपिंग और निर्वाचन ड्यूटी में व्यस्त

शिक्षक : स्कूल के बजाए ​मैपिंग और निर्वाचन ड्यूटी में व्यस्त

इंदौर।

नया शिक्षण सत्र शुरू हुए समय बीत गया और अब स्कूल प्रबंधन त्रैमासिक परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में शिक्षकों के सामने बड़ी दुविधा है। इस समय मैपिंग का काम भी चल रहा है और निर्वाचन कार्यालय ने शिक्षकों की बीएलओ में ड्यूटी लगाए रखी है। जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस वजह से आगामी त्रैमासिक परीक्षा होना है। बच्चों का रिजल्ट कमजोर रहा तो शिक्षकों पर ही गाज गिरना है।

राज्य शिक्षा केंद्र ने छात्रों की मैपिंग का कार्य पोर्टल पर किए जाने के निर्देश दिए हैं। हर एक बच्चों को समग्र आईडी, आधार आदि को पोर्टल पर दर्ज किए जाने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों दी गई है। जिन बच्चों के आधार नंबर या समग्र आईडी नहीं हैं, उन्हें बनवाना भी होगा। यह पूरा कार्य शिक्षकों ही करना है। शिक्षक इस कार्य को एमपी ऑनलाइन या कियोस्क सेंटरों के माध्यम से पोर्टल पर कर रहे हैं। इस कार्य में भी शिक्षकों को कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर शिक्षकों इन दिनों बीएलओ के रूप में निर्वाचन कार्यालय में मतदाता सूची अपडेशन में लगाए रखा है। मतदाता सूची को आधार से लिंक किया जा रहा है। ऐसे में शिक्षक मैपिंग में जुटे या बीएलओ के रूप में कार्य करें। उनके सामने अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई है।

त्रैमासिक परीक्षा का तनाव

शिक्षकों को आगामी त्रैमासिक परीक्षा को लेकर भी बच्चों को पढ़ाई कराना है। ऐसे में इन कार्यों में व्यस्त होने से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकों को इस बात का तनाव है कि परीक्षा परिणाम कमजोर आता है तो दिक्कत उन्हें ही होना है। भोपाल से अफसर त्रैमासिक परीक्षा परिणाम से लेकर छह मासिक परीक्षा परिणामों को लेकर गंभीर है। कमजोर परीक्षा परिणाम होने पर शिक्षकों पर ही कार्रवाई होना है। ऐसी स्थिति में शिक्षक इस समय भारी तनाव से गुजर रहे हैं।

शिक्षकों को अन्य दायित्वों से मुक्त करें

इन दिनों शिक्षक दुविधा से गुजर रहे हैं। मैपिंग कार्य से लेकर निर्वाचन में ड्यूटी लगी होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परीक्षा परिणाम कमजोर रहने पर शिक्षकों पर ही कार्रवाई होना है। ऐसे में शिक्षकों पढ़ाई के अतिरिक्त सभी कार्य से मुक्त किया जाना चाहिए।

केके आर्य

प्रदेश उपाध्यक्ष

आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मप्र

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