बेलेश्वर महादेव मंदिर को लेकर संघर्ष समिति और हिंदू जागरण मंच ने दी चेतावनी, 21 मई को अस्थाई शेड पर लगाई जाएगी प्रतिमा
इंदौर। बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर के अस्थाई निर्माण को तोडऩे पहुंची नगर निगम की टीम बेरंग तो लौटा गई, लेकिन संघर्ष समिति व हिंदू जागरण मंच भड़क गया। कल आरती रखी गई थी जिसमें मंदिर निर्माण को लेकर आमरण अनशन की घोषणा कर दी गई। नेताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। राजनीति के चलते कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि मुख्यमंत्री की घोषणा का वाला मंदिर बने।
कल शाम को पटेल नगर स्थित बेलेश्वर महादेव मंदिर पर मंदिर की संघर्ष समिति और संघ के अनुसांगिक संगठन हिंदू जागरण ने महाआरती का आयोजन रखा था। उसमें पार्षद कमलेश कालरा, संजय भाटिया, ललित पारानी, सुमित हार्डिया, हरीश भाटिया, मनीष रिझवानी, मयंक पमनानी सहित काफी संख्या में हिंदूवादी व मंदिर से जुड़े भक्त इकट्ठा हुए थे। आरती के बाद आंदोलन की रणनीति बनाई गई। बैठक में मौजूद हिंदू जागरण मंच से प्रांत सहसंयोजक संजय भाटिया का कहना था कि सरकारी महकमे ने मंदिर को कुछ लोगों के इशारे पर नेस्तनाबूत किया था।
मंदिर तोडऩे की घटना को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बहुत गंभीरता से लिया और नए मंदिर की घोषणा कर दी। उसके बाद मंदिर निर्माण व रखरखाव के लिए एक समिति बनाई गई जिसका चयन भक्ति के आधार पर किया गया जो लोग नियमित पूजा-अर्चना करते थे। सभी लोगों ने अस्थायी शेड तैयार किया ताकि कांटाफोड़ मंदिर में बेहाल भगवानों को अस्थाई रूप से रखकर पूजा-पाठ शुरू की जा सके।
कुछ लोग अभी भी नहीं चाहते हैं कि मंदिर का निर्माण है। उनके षड्यंत्र के चलते ही निगम मंगलवार को अस्थाई मंदिर के शेड को तोडऩे पहुंच गई। भक्त नहीं अड़ते तो कार्रवाई कर दी जाती। अब संघर्ष समिति और हिंदू जागरण मंच मैदान पकड़ेगा। ऐसे लोगों को बेनकाब करने के साथ मंदिर निर्माण को लेकर अनशन करेगा।
प्रशासन से मांगेंगे प्रतिमा
संघर्ष समिति के पारानी ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से फैसला किया गया है कि मंदिर की प्राचीन प्रतिमाओं की वापस मांगा जाएगा। २१ मई को सुबह ९ बजे ङ्क्षसधी कॉलोनी से जुलूस निकालकर प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मंदिर के निर्माण के लिए जमीन का सीमांकन करेंगे। प्रशासन ने मूर्तियां देने से इनकार किया तो पार्षद कमलेश कालरा, संजय भाटिया, हरीश भाटिया और मनीष रीझवानी आमरण अनशन करेंगे।