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गणेश घाट का संकट बेहद गंभीर, 2 किमी की ढलान से 14 साल में 3 हजार हादसे, 400 से ज्यादा की मौत

राऊ से खलघाट के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग की खामियों का मुद्दा केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठेगा

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गणेश घाट का संकट बेहद गंभीर, 2 किमी की ढलान से 14 साल में 3 हजार हादसे, 400 से ज्यादा की मौत

गणेश घाट का संकट बेहद गंभीर, 2 किमी की ढलान से 14 साल में 3 हजार हादसे, 400 से ज्यादा की मौत

इंदौर. मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर राऊ से खलघाट के बीच गणेश घाट मौत का घाट बन गया है। 14 साल में 3364 भीषण हादसों में 410 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। हादसों का कारण घाट की 2 किमी की ढलान है। तकनीकी खामी दूर करने पर नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया कई साल से बात ही कर रही है, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है। बता दें कि मुंबई की ओर जाने वाले भारी वाहनों के सीधी व लंबी ढलान होने से ब्रेक फेल होते हैं।
ढलान हादसे का कारण
फोरलेन बनने से पहले गणेश घाट की सड़क टू लेन थी। चढ़ाई में चार जगह मोड़ थे। वाहन अंधे मोड़ पर धीमी गति से उतरते थे। इससे हादसों पर अंकुश था। घाट की चढ़ाई ज्यादा होने से 2006 में फोरलेन का काम शुरू हुआ। वर्ष 2008 में राऊ-खलघाट फोरलेन का काम 500 करोड़ की लागत से पूरा हुआ। घाट वाले हिस्से पर रोड बनाने के लिए ढलान को पूरी तरह नहीं काटते हुए सीधी रोड बना दी। इससे 2 किमी से ज्यादा की ढलान हादसों का कारण बन गई है। घाट में सबसे ज्यादा नुकसान भारी वाहनों को हुआ है, जिसमें ट्रक-ट्राले आदि हैं। वाहन में माल लोड होने से घाट उतरने के दौरान ब्रेक लाइनर्स फंसने से वाहन बेकाबू हो जाते हैं। दूसरा कारण ईंधन बचाने के लिए ढलान में चालक वाहन को न्यूट्रल कर लेते हैं। भारी वाहनों की चपेट में कई दोपहिया और चार पहिया वाहन आ चुके हैं।
सुधार के नाम पर खानापूर्ति
एनएचएआइ नेे घाट के अलावा वैकल्पिक नए मार्ग बनाने की दिशा में कोई काम नहीं किया है। सिक्स लेन बनाने की बातें भी धरातल पर नहीं हैं। ढलान मार्ग में स्पीड ब्रेकर, हाई मास्ट, साइन बोर्ड और ड्रम रखकर खानापूर्ति कर दी है।
गणेश घाट के दुर्घटना वाले हिस्से के सुधार के लिए कई बार शिकायत कर निराकरण की मांग की गई है। घाट का ढलान व रोड डिजाइन गलत होने से हादसे हो रहे हैं। हमने यहां सिक्स लेन की मांग की है। यह मुद्दा केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री के समक्ष भी उठाएंगे।
- सीएल मुकाती, अध्यक्ष, ट्रक एवं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन इंदौर

घाट की तकनीकी खराबी से हादसों और लोगों की मौत की जानकारी आरटीआइ में मिली है। इसे लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग दिल्ली में भी शिकायत की है। संबंधित विभाग को नोटिस भी जारी हुआ। हमारी मांग है कि घाट के लिए नया रूट बनाया जाए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष मुद्दा रखेंगे।
-जयेश राजपुरोहित, मानव अधिकार कार्यकर्ता

घाट की तकनीकी खामी दूर करने के लिए विभागीय प्रक्रिया पूरी हो गई है। टेंडर प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
-मनीष असाटी, डायरेक्टर, एनएचएआइ

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