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17 गांवों की बल्ले-बल्ले, ‘इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर’ के लिए सरकार ने बदली पॉलिसी

MP News: इंदौर के इतिहास में पहली बार किसी योजना पर सरकार ने पॉलिसी बदली। इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में किसानों को मुआवजा देने के बजाए विकसित भूखंडों का 60 फीसदी हिस्सा देने की घोषणा की गई।

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Indore-Pithampur Economic Corridor

Indore-Pithampur Economic Corridor

MP News:मप्र सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में से एक इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में जमीन लेने की गति धीमी हो गई है। 22 दिन में महज 350 बीघा जमीन के सहमति पत्र मिले हैं जबकि 5200 बीघा का प्रोजेक्ट है। दावे आपत्ति निराकरण को 22 दिन हो गए हैं, जिसमें सात फीसदी ही जमीन हाथ में है।

इंदौर के इतिहास में पहली बार किसी योजना पर सरकार ने पॉलिसी बदली। इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में किसानों को मुआवजा देने के बजाए विकसित भूखंडों का 60 फीसदी हिस्सा देने की घोषणा की गई। 8 अप्रेल को दावे आपत्ति निराकरण के बाद किसानों से सहमति पत्र लेना शुरू किया। अब तक 350 बीघा जमीन ही मिल पाई है। पीथमपुर सेक्टर 7 से चलकर एयरपोर्ट के पीछे रिंजलाय के बीच 20.24 किमी लंबा मार्ग बनेगा। उसमें 1291 हेक्टेयर यानी करीब 5200 बीघा जमीन अधिग्रहित की जाएगी। ये जमीन 3500 से अधिक किसान की है, लेकिन 75 किसानों के ही सहमति पत्र मिले हैं।

गांव-गांव शिविर लगाने की थी योजना

एमपीआइडीसी ने सहमति पत्र के लिए शिविर लगाने की योजना बनाई थी। कुछ दिन अफसर किसानों के बीच पहुंचे, लेकिन फिर मामला ठंडा हो गया। टीही, धन्नड़, भैसलाय, सोनवाय, डेहरी, बागोदा, मोकलाय, नरलाय, शिवखेड़ा, सिंदौड़ी, सिंदौड़ा, श्रीराम तलावली, नावदा पंथ, आदि गांवों की जमीन ली जानी है।

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इंदौर के लिए काफी अहम है प्रोजेक्ट

प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए ये प्रोजेक्ट अहम साबित होगा। यहां एयरो सिटी, फिनटेक सिटी, सिग्नेचर टॉवर, नगर वन और क्षेत्रीय पार्क जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। प्रोजेक्ट में व्यावसायिक, आवासीय, औद्योगिक, मिश्रित उपयोग के क्षेत्रों का विकास होगा। अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, पुस्तकालय, सामुदायिक केंद्र, पुलिस स्टेशन, फायर स्टेशन, पार्क, उद्यान, सिटी फॉरेस्ट, स्टेडियम, खेल मैदान, स्मार्ट सड़कें, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, स्मार्ट बस स्टॉप, स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, ईवी चार्जिंग स्टेशन आदि की व्यवस्था भी होगी।

ये भी जानिए

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर
लंबाई – 19.4 किमी
क्षेत्रफल – 1290.74 हेक्टेयर
लागत – 2124.80 करोड़
गांव – टीही, धन्नड़, भैसलाय, सोनवाय, डेहरी, बागोदा, मोकलाय, नरलाय, शिवखेड़ा, सिंदौड़ी, सिंदौड़ा, श्रीराम तलावली, नावदा पंथ, बिसनावदा, रिंजलाय, नैनोद, कोर्डियाबर्डी।