
... तो लग जाएंगे उद्योगों पर ताले
इंदौर. सफाई मामले में देश में लगातार पांच बार नंबर वन आने के बाद अब इंदौर बेहतर आबोहवा के मामले में लम्बी छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है। जिला प्रशासन और नगर निगम सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इसे लेकर विशेष प्रयास कर रहा है। आम जनता को भी इससे जोड़ा जा रहा है। प्रदूषण कम करने के साथ ही शहर की कान्ह, सरस्वती सहित अन्य नदियों को शुद्ध करने का अभियान जारी है। वहीं, अब नदियों में मिलने वाले उद्योगों के प्रदूषित पानी रोकने के लिए सख्ती शुरू हो गई है। जनवरी में निगम और प्रदूषण विभाग की टीम ने सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र का दौरा कर वहां के उद्योगपतियों को अपनी-अपनी फैक्ट्रियों में ईटीपी प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे, ताकि नदी में एक बूंद भी गंदा पानी ना मिले। करीब दो महीने बीतने के बाद भी अभी कई फैक्ट्रियों ने ईटीपी प्लांट नहीं लगाए हैं। अब कलेक्टर मनीष सिंह ने सांवेर रोड सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्र, जिनके आसपास से नदियां बह रहीं है, उन्हें इस महीने के अंत तक ईटीपी प्लांट शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। 31 मार्च के बाद जिन फैक्ट्रियों में ईटीपी प्लांट नहीं होंगे या चालू नहीं होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी पर उन्हें सील करने के भी निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर कार्यालय में हाल ही में उद्योगपतियों के साथ बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया ने कहा, शहर की आबोहवा और नदियों को शुद्ध रखने के लिए उद्योग जगत पूरी तरह से प्रशासन के साथ है। सांवेर रोड के 60 फीसदी उद्योगों में ईटीपी प्लांट लग गए हैं, बाकी में भी जल्द लगाए जाएंगे।
Published on:
23 Mar 2022 04:38 pm

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