
तीन कप्तानों की नगरी में नहीं है हॉकी एस्ट्रो टर्फ मैदान
इंदौर। इंदौर ने हॉकी को शंकर लक्ष्मण, किशनलाल और मीर रंजन नेगी जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं जो भारतीय टीम के कप्तान भी रहे। इसके बावजूद इंदौर में हॉकी का एक भी मैदान नहीं है जिसको लेकर निगम के पूर्व सभापति ने आइडीए को हॉकी एस्ट्रो टर्फ बनाने की योजना को बजट में शामिल कर सौगात देने की मांग कही।
इंदौर व महू देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी की नर्सरी रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी यहां से निकलकर गए हैं जिन्होंने इंदौर का नाम रोशन किया। विडंबना है कि हॉकी में अपनी पहचान रखने वाले इंदौर में एक भी मैदान नहीं है। खिलाड़ी कॉमन मैदानों पर अभ्यास करते हैं जिनकी स्थिति बहुत ही खराब है। दयनीय स्थिति को देखते हुए भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान कोच मीर रंजन नेगी इंदौर में खिलाड़ी तैयार करने के बजाए मुंबई में टाटा पॉवर की हॉकी अकादमी को संचालित करते हैं। इस वजह से खिलाडिय़ों को उनके जैसे अनुभवी कोच का मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा।
इंदौर में हॉकी के एस्ट्रो टर्फ बनाए जाने की मांग को लेकर नगर निगम के सभापति रहे व भाजपा नेता अजयसिंह नरुका ने इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा से बात की। कहना था कि इंदौर का तेजी से विकास और विस्तार हो रहा है, लेकिन उसकी तुलना में खेल क्षेत्र पर विकास एजेंसियों का ध्यान नहीं है। उसका संतुलन बनाया जाना भी आवश्यक है। हॉकी के खिलाडिय़ों की सुविधा के लिए प्राधिकरण २०२३-२४ के पेश होने वाले बजट में हॉकी के एस्ट्रोटर्फ को बनाने की योजना भी शामिल करे। ऐसा करके वह खेल प्रेमियों के साथ शहर को सौगात दे सकते हैं। इसके लिए नरुका ने पीपल्याहाना चौराहा और गोयल नगर के बीच योजन नंबर 94 की खुली भूमि पर एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम बनाने का भी सुझाव दिया। चर्चा के दौरान चावड़ा ने आश्वासन दिया।
यहां है एस्ट्रोटर्फ
प्रदेश में इंदौर को छोड़कर कई शहरों में एस्ट्रो टर्फ मैदान बने हुए हैं। उसमें बैतूल, सिवनी, दमोह, शिवपुरी, सागर जैसी छोटी जगह पर भी हॉकी का मैदान है। इनके अलावा प्रदेश के तीन बड़े शहर यानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में भी एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम बना हुए हैं। देश के सबसे स्वच्छ व प्रदेश की आर्थिक राजधानी में इस सुविधा से वंचित है।
कई वर्षों से की जा रही है मांग
गौरतलब है कि इंदौर में वर्तमान में कई हॉकी के क्लब चल रहे हैं जिसमें प्रकाश और ताहिर हॉकी क्लब प्रमुख हैं। दोनों ही क्लब साधारण मैदान में संचालित होकर बच्चों को हॉकी सिखा रहे हैं। दोनों ही क्लबों ने कई बार मांग की कि उन्हें मैदान के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए। वे मैदान का निर्माण खुद कर लेंगे। कई बार जिला प्रशासन में जमीन की तलाश भी हुई, लेकिन मामला समय के साथ ठंडा पड़ जाता।
Published on:
10 May 2023 11:13 am

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