इंदौर

‘एग्जाम से पहले डेंगू हुआ, एक हाथ में किताब और दूसरे हाथ में लगी रहती थी ड्रिप’

सिविल जज एग्जाम की स्टेट टॉपर पूर्वी तिवारी ने शेयर की अपनी सक्सेस स्टोरी

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Jan 28, 2019
'एग्जाम से पहले डेंगू हुआ, एक हाथ में किताब और दूसरे हाथ में लगी रहती थी ड्रिप'

इंदौर. सिविल जज मेंस एग्जाम 24-25 नवंबर को थी। 20 नवंबर को डेंगू पॉजीटिव आ गया। इंदौर से होमटाउन जबलपुर लौटी और हॉस्पिटल में एडमिट हुई। तीन दिन इलाज चला, लेकिन पूरी तरह ठीक नहीं हुई। एक हाथ में ड्रिप तो दूसरे हाथ में बुक रहती थी। डॉक्टर्स कुछ और दिन हॉस्पिटल में रखना चाहते थे। मैं जिद कर डिस्चार्ज हो गई। शरीर में कमजोरी थी। मॉरल भी डाउन हो गया था। फैमिली और फैकल्टीज ने सपोर्ट किया। एग्जाम के पहले की तैयारियां भी काम आई। धैर्य नहीं खोया और हिम्मत जुटाकर 24 नवंबर को एग्जाम दी। यह बात सिविल जज एग्जाम स्टेट टॉपर पूर्वी तिवारी ने पत्रिका से खास चर्चा में कही। पूर्वी ने इंदौर से ही तैयारी की है। एलएलबी, एलएलएम गोल्ड मेडलिस्ट पूर्वी ने एग्जाम पहले प्रयास में क्लियर की है। उन्होंने 450 में से 327 माक्र्स प्राप्त किए। मेंस में 400 में से 298.5 व इंटरव्यू में 50 में से 28.5 माक्र्स मिले।

कमरे की हर दीवार पर चिपका दिए चाट्र्स

पूर्वी ने बताया, अगस्त 2017 में इंदौर आई और कोचिंग में तैयारी शुरू की। अगस्त 2017 से अप्रैल 2018 तक क्लासेस चली। यहां 5 घंटे पढ़ाई करते। 12 सब्जेक्ट्स के पॉइंट्स चार्ट फॉर्म में पूरे रूम में चिपका लिए। जहां भी नजर पड़ती स्टडी मटेरियल ही दिखता। रोज रिहर्सल होती। प्री एग्जाम में ऑब्जेटिव, लेकिन मेंस में सब्जेक्टिव भी आता है। चार्ट से मेंस में काफी फायदा हुआ।

मॉक टेस्ट ने इंटरव्यू में काफी मदद की

प्री एग्जाम में 150 में से 133 माक्र्स मिले। 7 जनवरी को इंटरव्यू हुआ। यह काफी चैलेंजिंग था, क्योंकि पूरे 50 माक्र्स निर्भर थे। हालांकि बोर्ड के सामने बैठी तो डर नहीं लगा। मॉक इंटरव्यूज के जरिऐ पहले से ही अच्छी तैयारी थी।

Published on:
28 Jan 2019 03:08 pm
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