भाजपा नेता ने की थी कांग्रेस नेत्री की हत्या, बाप से संबंध, बाद में बेटे से कर ली थी शादी
इंदौरः पिछले दो सालों से लापता कांग्रेस नेत्री ट्विंकल डागरे की हत्या का खुलासा हो गया है। जैसा कि, मृतका के परिजन का आरोप था, आरोपी, मृतका का पति और भाजपा नेता निकला। आरोपी ने पुलिस के सामने कबूल कर लिया कि, उसी ने ट्विंकल की हत्या की थी। पहले उसका उसका अपहरण किया फिर घर ले जाकर उसे मार डाला। बाद में टिगरिया बादशाह इलाके में शव ले जाकर जला दिया। दिल को दहला देने वाली इस घटना का खुलासा किया भाजपा नेता जगदीश करोतिया के बेटे और पूर्व एल्डरमैन अजय करोतिया ने।
अजय ने किया खुलासा
आरोपी जगदीश के नौकर से पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपी अजय से सख्ती से पूछताछ की तो मामले की सारी कड़ियां खुल गईं। अजय ने पुलिस को बताया कि, उसने ट्विंकल से मंदिर में प्रेम विवाह किया था, लेकिन शुरु से ही उसके पिता जगदीश करोतिया उसे चरित्रहीन कहते थे। हालांकि, पुलिस ने अब तक घटना को लेकर आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन जगदीश, उसके तीनों बेटे अजय, विजय, विनय और एक अन्य के खिलाफ हत्या का कैस कर लिया है।
अपहरण कर उतारा मौत के घाट
अजय ने आगे बताया कि, 16 अक्टूबर 2016 को ट्विंकल घर से नाश्ता लेने जा रही थी। तभी उसका अपहरण कर घर ले गए और रात में उसकी हत्या कर दी। अगले दिन सुबह उसका शव कार में रखकर टिगरिया बादशाह इलाके में अगरबत्ती फैक्टरी के पास ले जाकर जला दिया था। पुलिस पूछताछ में आगे अजय ने बताया कि, जिस समय वह और उसका पिता शव जला रहे थे, तब अचानक वहां फैक्टरी का चौकीदार आ गया। उसने आग जलाने का कारण पूछा भी, तो पिता ने उसे यह कहकर भगा दिया था कि कुत्ता मर गया है, उसे जला रहे हैं। इस पर चौकीदार वहां से चला गया था। फिर नगर निगम के तीन कर्मचारियों से जले हुए स्थान पर और कचरा डलवाकर उसमें भी आग लगवा दी थी। इसके बाद बचे कचरे को नाले में बहा दिया गया। उसमें ट्विंकल के शव के अवशेष भी बह गए थे। अब पुलिस उन तीनो निगम कर्मचारियों की भी तलाश कर रही है, जिन्होंने जले हुए अवशेषों को नाले में बहाया था। इसके अलावा पुलिस एक कांस्टेबल की भूमिका पर भी संदेह है।
नौकर ने खोला राज
मृतका के परिजन के संदेह के आधार पर पुलिस ने आरोपी जगदीश के नौकर से करीब दो दिनों तक लगातार सख्त पूछताछ की थी। दो दिन बाद आखिरकार नौकर लखन सूर्यवंशी टूट गया। इसके बाद उसने हत्या से जुड़े कई खुलासे किए। नौकर ने बताया कि, करोतिया परिवार ने ही ट्विंकल की हत्या की है। शव सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के अवंतिका नगर में पानी की टंकी के पीछे एक फैक्टरी की दीवार से लगी जमीन के पीछे दफन होना बताया। इससे हरकत में आई पुलिस गुरुवार सुबह एक जेसीबी के साथ लखन को लेकर बताई जगह जा पहुंची और खुदाई की। इसके बाद पुलिस ने जगदीश करोतिया और उसके बेटे अजय व अन्य को हिरासत में लेकर सख्ती दिखाई तो हत्या करना कबूल कर लिया।
भाजपा की सरकार जाते ही तेज हुई जांच
कैस की जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों का मानना है कि, प्रदेश में भाजपा सरकार होने से जांच प्रभावित हो रही थी। कांग्रेस सरकार बनते ही जांच तेज हुई और पुलिस अजय को थाने ले जा सकी। क्योंकि, हाल ही में सरकार बदलने के बाद अधिकारियों के थोकबंद तबादले हुए। एक सप्ताह पहले ही इंदौर के नए एडीजी के रूप में वरुण कपूर ने कमान संभाली थी। प्रभार संभालते ही उन्होंने अधिकारियों से पुराने मामलों की फाइलें खोलने और अंधे कत्लों से पर्दा उठाने के निर्देश दिए थे। इसी के चलते बाणगंगा टीआई इंद्रमणि पटेल के नेतृत्व में एसआई प्रभा डाबी, एएसआई दिनेश त्रिपाठी सहित दस पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाई गई। टीम ने ट्विंकल मामले की फाइल फिर से खोली और संदेहियों से पूछताछ शुरु की थी।
मृतका की मां का आरोप, पूर्व सीएम ने भी नहीं सुनी थी गुहार
मामले का खुलासा होने के बाद ट्विंकल की मां रीटा ने बताया कि, जिस समय हमारी बेटी लापता थी, तब हमने पूर्व सीएम शिवराज सिंह से मिलने की कई बार कोशिश की, लेकिन वो नहीं मिले, जबकि वो खुद को बेटियों का मामा बताते थे। विधानसभा चुनाव के दौरान जब वो बाणगंगा इलाके में चुनाव प्रचार के लिए तब भी हम उनसे मिलने गए। मृतका की मां ने बताया कि, उस दौरान हमने सीएम से गुहार लगाई थी कि, मामा आपकी भांजी कई दिनों से लापता है, लेकिन वो हमारी बात को अनसुना करते हुए मुंह फेरकर चले गए। जिन बातों का खुलास अब जाकर हुआ अगर पूर्व सीएम चाहते तो, अपनी भांजी को काफी पहले ही इंसाफ दिला सकते थे।फिलहाल, मृतका की सरकार से मांग है कि, उनकी बेटी के हत्यारों को संरक्षण देने वालों पर भी उचुत कार्रवाई होनी चाहिए।