
नई दिल्ली। भारत की प्रमुख इ-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट को वालमार्ट की ओर से खरीदने की चर्चा के बीच अमेजन ने इस पर कब्जा करने के लिए एक और दांव चला है। वालमार्ट की ओर से फ्लिपकार्ट के 55 फीसदी शेयर खरीदने की चर्चा के बीच अमेजन ने कंपनी के 60 फीसदी शेयर खरीदने की पेशकश की है। अमेजन की ओर से यह पेशकश बुधवार को की गई है। जानकारों का कहना है कि अमरीका का सबसे बड़ा रिटेल ग्रुप वालमार्ट लगभग फ्लिपकार्ट को खरीदने की कगार पर पहुंच चुका है। एेसे में इस सौदे को रोकने के लिए अमेजन ने यह प्रस्ताव दिया है।
अमरीका में मिली हार का बदला लेना चाहता है वालमार्ट
फ्लिपकार्ट भारत की सबसे बड़ी इ-कॉमर्स कंपनियों में शुमार है। इसका फायदा लेने के लिए वालमार्ट और अमेजन दोनों में जंग चल रही है। दरअसल, अमरीका की बड़ी इ-कॉमर्स कंपनियों में शुमार वालमार्ट को अमेजन ने अमरीका में बड़ा झटका दिया है। एेसे में वालमार्ट भारत की बड़ी इ-कॉमर्स कंपनियों में शुमार फ्लिपकार्ट को खरीदकर अमेजन के हाथों अमरीका में मिली हार का बदला लेना चाहता है।
फ्लिपकार्ट के शेयरधारकों को भायी वालमार्ट
जानकारों के अनुसार फ्लिपकार्ट को खरीदने में वालमार्ट बाजी मार सकता है। जानकारों का कहना है कि फ्लिपकार्ट के शेयरधारकों को भी वालमार्ट की पेशकश भा गई है एेसे में अमेजन के ऑफर से वालमार्ट-फ्लिपकार्ट के सौदे पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। एक अंग्रेजी समाचार पत्र के अनुसार फ्लिपकार्ट के शेयरधारकों को वालमार्ट की डीस इसलिए भा रही है कि उन्हें अंदेशा है कि अमेजन के साथ की गई डील प्रतियोगिता आयोग के सामने कमजोर पड़ सकती है। दूसरा कारण यह है कि वालमार्ट ने शेयरधारकों को शेयर के बदले कैश का ऑफर दिया है। जबकि अमेजन शेयर के बदले शेयर दे रहा है। उधर फ्लिपकार्च के सबसे बड़े निवेशक जापान की सॉफ्टबैंक ने कंपनी में 4 बिलियन डॉलर अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसकी वजह सॉफ्टबैंक फ्लिपकार्ट पर अपनी पकड़ बनाए रखना चाहता है।
Published on:
03 May 2018 03:29 pm
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