
कर्ज में डूबे पाकिस्तान का ऐसे फायदा उठा रहा चीन
नई दिल्ली। चीन के बैंकों के कर्ज तले पाकिस्तान बुरी तरह दबा हुआ हैं। ऐसे में चीन सरकार ने इस बात का फायदा उठाते हुए एक प्लान बनाया हैं। जिसके चलते चीन सरकार पाकिस्तान के ग्वादर में 15 करोड़ डॉलर की लागत से 5 लाख चीनी नागरिकों को बसाने के लिए एक अलग शहर बनाने जा रही है। यह चीन के एक कॉलोनी की तरह होगा और इसमें सिर्फ चीनी नागरिक रहेंगे।
चीन करेगी 15 करोड़ डॉलर खर्च
दक्षिण एशिया में यह अपनी तरह का चीन का पहला शहर होगा। माना जा रहा है कि ये 2022तक बनकर तैयार हो जायेगा। इस बनाने में चीनी सरकार का तकरीबन 15 करोड़ डॉलर का खर्च आ सकता हैं। चीनी सरकार इस शहर को जल्द से जल्द बना लेना चाहती हैं। ऐसे में अगर फिर ज्यादा खर्च भी आ जाता है तो सरकार को उसकी परवाह नहीं हैं। इस प्रस्तावित शहर में 2022 से करीब 5 लाख लोग रहने लगेंगे।
चीन बनायेगा कॉलोनी
चीन की योजना के मुताबिक, ये लोग पाकिस्तानी बंदरगाह ग्वादर पर बनने वाले फाइनैंशल डिस्ट्रिक्ट में काम करेंगे। इस रेजिडेंशल इलाके में सिर्फ चीन के नागरिक ही रहेंगे। इसका मतलब यह है कि पाकिस्तान के इस क्षेत्र का इस्तेमाल चीन की ‘कॉलोनी यानी उपनिवेश’ के तौर पर होगा। खबरों के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन से 36 लाख वर्ग फुट की इंटरनैशनल पोर्ट सिटी को खरीदा लिया है। इस पर वह 15 करोड़ डॉलर में एक रेजिडेंशल प्रॉजेक्ट बनाएगा।
पहले भी चीन बना चुका है कॉलोनी
इसके पहले चीन अपने नागरिकों के लिए अफ्रीका और मध्य एशिया में ऐसे परिसर या उपनगर बना चुका है। ऐसे भी आरोप हैं कि चीन सरकार पूर्वी रूस और उत्तरी म्यांमार में जमीन खरीदने जा रही है। कई जगहों पर चीनी कॉलोनियों को लेकर स्थानीय नागरिकों में असंतोष भी रहा है।पाकिस्तान के ग्वादर में करीब 15 करोड़ डॉलर की लागत से बनने वाला यह शहर चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) का हिस्सा होगा। दक्षिण एशिया में चीन की यह अपने तरह की पहली कॉलोनी होगी। क्योंकि पाकिस्तान सरकार बुरी तरीके से चीन के कर्ज में डूबी हुई हैं । बस चीन सरकार उसका ही फायदा उठा रही हैं।
Updated on:
22 Aug 2018 11:22 am
Published on:
22 Aug 2018 10:17 am
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