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पतंजलि आटा नूडल्स के बाद सरसों तेल पर उठे सवाल

पतंजलि के सरसों तेल के विज्ञापन में बाबा रामदेव खुद इसकी विशेषताएं बताते हुए नजर आते हैं

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Amanpreet Kaur

Apr 22, 2016

Baba Ramdev

Baba Ramdev

नई दिल्ली। योगगुरु बाबा रामदेव और उनकी कंपनी पतंजलि एक बार फिर मुसीबतों में फंसती नजर आ रही है। पहले पतंजलि के देशी घी में फफंूद, फिर आटा नूडल्स जांच और अब बाबा रामदेव के पतंजलि का सरसों तेल का विज्ञापन विवादों में आ गया है।

आरोप है कि पतंजलि का सरसों तेल का विज्ञापन झूठा और भ्रामक है। सोल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने कहा कि वह अन्य खाद्य तेलों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी को सही नहीं मानता। पतंजलि सरसों तेल के खिलाफ एसईए सुरक्षा नियामक एसएसएसएआई के साथ विज्ञापन उद्योग निकाए एएससीआई से संपर्क कर रहा है।

दावा किया जा रहा है कि पतंजलि सरसों तेल का विज्ञापन सही नहीं है। बताया जा रहा है कि एसईए ने दस्तावेजी सबूतों के साथ विस्तृत ज्ञापन पतंजलि को भेजा है और विज्ञापन में सोलवेंट तेल के खिलाफ दिए गए गुमराह करने वाले बयान वापस लेने का अनुरोध किया।

गौरतलब है कि पतंजलि आटा नूडल्स को भी घटिया स्तर का पाया गया है। मेरठ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने रामदेव के पतंजलि आटा नूडल्स को घटिया स्तर का पाया है। एफएसडीए की टीम ने पतंजलि आटा नूडल्स में ऐश कंटेंट की मात्रा को निर्धारित सीमा से लगभग तीन गुना अधिक पया है।

यह मात्रा मैगी सैंपल्स से भी अधिक है। ये नमूने जांच के लिए 5 फरवरी 2016 को मेरठ में जका किए गए थे। टेस्ट रिपोर्ट में इन सभी तीनों नूडल्स ब्रैंड्स के नमूनों में जो ऐश कंटेंट पाया गया है, उसकी मात्रा काफी अधिक है।

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