इंडस्ट्री सूत्रों का कहना है कि पिछली दिवाली में एक कैरेट डायमंड जहां आपको 21000 रुपए में मिलता, वहीं अभी यह 16000 रुपए में मिल रहा है। दुनियाभर में जिने रफ डायमंड का खनन होता है, उसके लगभग 90 फीसदी को सूरत भेजा जाता है। छोटे और सस्ते डायमंड के मामले में सूरत की मोनोपॉली है। मुंबई के बाद सूरत भारत का सबसे बड़ा डायमंड ट्रेडिंग हब भी है। सिर्फ सूरत में 8 लाख से अधिक लोग 80 हजार करोड़ की इस इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं। यहां 5000 से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। अधिकांश ने अपना उत्पादन लगभग 25 फीसदी कम कर दिया है। लोगों को या तो निकाला जा रहा है या फिर उनकी सैलरी में 20 या अधिक फीसदी की कटौती की जा रही है। मुंबई के भारत डायमंड बॉर्स, जहां 2500 से अधिक डायमंड मर्चेंट हैं, वहां की भी स्थिति खस्ता है।