
fastag
नई दिल्ली: गाड़ी चलाने वाला हर इंसान आजकल fastag के बारे में बात करता दिख रहा है। दरअसल 1 दिसंबर से फास्टैग अनिवार्य होगा यानि फास्टैग न होने के हालात में टोल पार करना मुश्किलों भरा होगा वहीं ये टैग होने पर आप आराम से टोल पार कर सकेंगे। इसके साथ ही हमने आपको पहले बताया है कि अगर टैग स्कैनर में प्रॉब्लम होगी तो आपको बिल्कुल भी टोल नहीं देना पड़ेगा। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि सरकार को इससे नुकसान होगा। बल्कि इस सिस्टम के लागू होने से सरकार को सालाना 12000 करोड़ का फायदा होगा। कैसे चलिए बताते हैं।
BullEye Technologies ने किया दावा- दरअसल BullEye Technologiesनाम से एक स्टार्टअप की रिपोर्ट के मुताबिक, फास्टैग के इस्तेमाल से सालाना देश को 12 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। इस बचत को आम लोगों के काम करने के घंटे और फ्यूल कॉस्ट से जोड़ा गया है। मतलब साफ है कि फास्टैग लगने के बाद टोल प्लाजा पर वाहन नहीं रुकेंगे। ऐसे में आम लोगों का टाइम भी बचेगा और फ्यूल पर होने वाला खर्च भी कम हो जाएगा। आपको बता दें कि ये स्टार्टअप IIT से पढ़े छात्रों ने शुरू किया है।
फास्टैग न होने पर भी पार कर सकेंगे टोल-
1 तारीख से फास्टैग लागू होने के बाद अगर आपके पास फास्टैग नही है तो ऐसा नही हैं कि आपको टोल पार नहीं करने दिया जाएगा लेकिन हां फास्टैग वाली लाइन में घुसने पर जुर्माना देना होगा वो भी दोगुना। यानि बिना फास्टैग की गाड़ियों को एक ही गेट से गुजरने की इजाजत होगी।
अब तक बिके 70 लाख फास्टैग-
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बयान में कहा कि अब तक 70 लाख से ज्यादा फास्टैग जारी किए गए हैं। 26 नवबंर को एक दिन में सबसे ज्यादा टैग जारी किए गए। आपको मालूम हो कि 26 तारीख को 1,35,583 टैग जारी किये गए थे।
Updated on:
29 Nov 2019 03:52 pm
Published on:
29 Nov 2019 03:51 pm
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