
hINDUSTAN UNILEVER
नई दिल्ली: कोरोनावायरस पूरी अर्थव्यव्स्था के लिए खतरनाक साबित हुआ है लेकिन FMCG कंपनी हिंदुस्तान यूनीलीवर के लिए ये महामारी वरदान बनकर आई है। दरअसल महामारी की वजह से फिलहाल निवेशक फार्मा और रक्षात्मक प्रोडक्ट और सर्विसेज देने वाली कंपनियों में दांव लगा रहे हैं । इस वजह से कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी बनी हुई है। इसी का फायदा कंपनी को अब मिलने लगा है। मार्केटकैप के आधार पर दुनिया की टॉप-15 एफएमसीजी कंपनियों ( FMCG ) की फेहरिस्त में हिंदुस्तान यूनीलीवर ( Hindustan unilever ) भी शामिल हो गई है।
33 फीसदी बढ़ी शेयरों की कीमत-
इस साल हिंदुस्तान यूनिलीवर ( HUL ) के शेयरों ने 33 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हुई है। अपने सेगमेंट में ग्लोबल लेवल पर सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाली दूसरी कंपनी बन गई है। इससे आगे सिर्फ चीन की मुयुआन फूडस्टफ का नाम आता है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे बड़ी घरेलू एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान लीवर का मार्केटकैप अल्टारिया ग्रुप, कोलगेट पामोलिव और रेकिट बेन्किसर जैसे वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों के ऊपर निकल चुका है. हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केटकैप $71 अरब का है, जो इसकी पैरेंट कंपनी की तुलना में आधा है।
हाल ही में कंपनी ने खरीदा हर्लिक्स ( HORLICKS )-
अगर कहा जाए कि 2020 कंपनी के लिए अच्छा रहा तो गलत नहीं होगा। अभी हाल ही में कंपनी ने अपनी 15 महीने पुरानी डील फाइनल कर हॉर्लिक्स को खरीद लिया है। (हिंदुस्तान यूनीलीवर ने 3045 करोड़ रुपए में हॉर्लिक्स को खरीद लिया है।) कयास लगाए जा रहे हैं कि इस डील के बाद कंपनी की पॉवर में और इजाफा होगा । दरअसल इस डील के बाद HUL के पोर्टफोलियो में हॉर्लिक्स, बूस्ट और माल्टोवा जैसे ड्रिंक ब्रांड शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही सेंसोडाइन, इनो और क्रोसिन जैसे OTC ब्रांड भी शामिल हो गए हैं। यानि हम कह सकते हैं कि hul का पोर्टफोलियो पहले से कही ज्यादा मजबूत हुआ है।
Updated on:
10 Apr 2020 08:54 am
Published on:
09 Apr 2020 05:04 pm

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