उद्योग जगत

विदेशी ग्राहकों को कंसल्टेंसी सर्विस देने पर भारतीय कंपनियों को देना होगा GST ! जाने पूरी खबर

विदेशी कंपनियों को कंसल्टेंसी सर्विस देने के बदले 18 फीसदी जीएसटी ( GST ) वसूल करने का फैसला किया है। कंसल्टेंसी सर्विस को एक्सपोर्ट ऑफ सर्विसेज ( Export Of Services ) माना जाएगा

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Jul 06, 2020
indian it companies

नई दिल्ली: भारतीय आईटी कंपनियों ( Indian IT Companies ) को अब विदेशी ग्राहकों को खुश करना आसान नहीं होगा । दरअसल अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (AAR) ने विदेशी कंपनियों को कंसल्टेंसी सर्विस देने के बदले 18 फीसदी जीएसटी ( GST ) वसूल करने का फैसला किया है।

दरअसल Oracle ERP में सॉफ्टवेयर संबंधी कंसल्टेंसी सर्विस ( Consultency Service ) देने के कारोबार से जुड़ी एक कंपनी ने AAR की तमिलनाडु पीठ से इस बारे में लागू होने वाली कर व्यवस्था ( Tax System ) के बार में पूछा था। कंपनी ने पूछा था कि क्या GST में पंजीकृत रजिस्टर्ड कंपनी डोयेन सिस्टम्स ( Doyen System ) के विदेशी ग्राहकों को दी गयी सर्विसेज को एक्पोर्ट माना जाएगा। जिसके जवाब में AAR ने ये बात बताई है।

क्या है पूरा मामला- दरअसल डोयेन सिस्टम और उसके एक अमेरिकी ग्राहक के बीच करार हुआ था। आवेदक कंपनी को सेवा के एक हिस्से का ठेका दिया गया था और उसे इसके बदले मे कंपनी को कंसल्टेंसी फीस दी गई थी। कंपनी ने इस बारे में डोयेन सिस्टम्स के साथ कांट्रैक्ट किया था। अब AAR ने अपने जवाब में कहा है कि इस मामले में 2 तरह के कांट्रैक्ट हुए हैं।

पहला जो प्रोफेशनल और कंसल्टेंसी सर्विस देने के लिये आवेदक कंपनी ( Oracle ERP ) और डोयेन सिस्टम्स के बीच हुआ तथा दूसरा जो सॉफ्टवेयर संबंधी सहायक सेवाएं देने के लिये विदेशी कंपनी और डोयेन सिस्टम्स के बीच हुआ।

चूंकि कंपनी ने डोयेन सिस्टम्स को एक परामर्शदाता के रूप में सेवाएं दी इसीलिए इसे सर्विसेज का एक्सपोर्ट माना जाएगा। केंद्रीय जीएसटी तथा तमिलनाडु जीएसटी अधिनियम के तहत इसके लिए कंपनी को टैक्स देना होगा।

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के सीनियर पार्टनर रजत मोहन ने फैसला सुनाते हुए कंसल्टेंसी फीस के रूप में 18 फीसदी जीएसटी देने की बात कही है।

Published on:
06 Jul 2020 03:01 pm
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