22 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Goods and Services Tax की शुरुआत 1 जुलाई 2017 को की गई थी। सरकार का इसे लाने का मकसद पुरानी जटिल टैक्स व्यवस्था को खत्म करना था। यह एक अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है, जिसने सर्विस टैक्स, वैल्यू एडेड टैक्स (वैट), कस्टम ड्यूटी, एक्साइज ड्यूटी जैसे कई करों का स्थान ले लिया। ये टैक्स राज्यों में अलग-अलग थे और टैक्स व्यवस्था में भ्रम पैदा करते थे। जीएसटी ने इन सभी करों को एक टैक्स में जोड़ दिया है, जिससे कारोबारी, ग्राहक और सरकार के लिए करों का प्रबंधन करना आसान हो गया है।





Top Stories

1

खतरनाक इरादे से जोधपुर आए पंजाब के 2 शॉर्प शूटर, पूर्व विधायक की रेकी की भी चर्चा, कौन था निशाने पर?

2

IND vs AUS U19: वीरेंदर सहवाग के बेटे और यशबर्धन की तूफानी पारियां, भारत ने ऑस्‍ट्रेलिया को 103 रनों से धोकर 2-0 से जीती सीरीज

3

Jabalpur Honeytrap: होटल में पकड़ाई पूजा को भेजा गया जेल, कारोबारी को ब्लैकमेल कर मांगे थे 10 लाख रुपये

4

Ambikapur Snake Bite: रात 2.30 बजे महिला सरपंच बोली- पेट में मरोड़ हो रहा है, मालिश करतेे दिखा सांप के डसने का निशान, कमरे में था करैत, हुई मौत

5

Chhattisgarh DA Hike: छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों-पेंशनरों के DA में बढ़ोतरी की मांग, 1 जनवरी से एरियर भुगतान पर भी जोर