Gwalior High Court: हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने पीडब्ल्यूडी मध्यप्रदेश में गुना के कामकाज पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य के विभाग प्रथम श्रेणी के सक्षम अधिकारियों से नहीं, बल्कि तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों (क्लर्कों) से चल रहे हैं। अनुकंपा नियुक्ति के मामले में कोर्ट को गुमराह करने और फर्जी तरीके से प्रभारी अधिकारी (ओआईसी) बनने पर अदालत ने कार्यपालन यंत्री केएस उइके और यूडीसी शरद श्रीवास्तव पर 50-50 हजार रुपए की व्यक्तिगत कॉस्ट लगाई है।