
तेल कंपनियां घटा सकती है कच्चे तेल का आयात, क्रूड के दाम में तेजी को लेकर उठाएंगी कदम
नर्इ दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में लगातार तेजी के बाद घरेलू तेल कंपनियां आने वाले दिनों में कच्चे तेल के आयात को कम कर सकती हैं। इस बात की जानकारी इंडियन रिफाइनरी के दो सूत्रों ने दी है। बता दें कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है। कच्चे तेल के बढ़ते दाम से बीते डेढ़ माह में देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। एेसे में ये आगामी लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी के लिए सिरदर्द बन सकता है।
छोटी अवधि के लिए कम हो सकता है तेल का अायात
गौरतलब है कि 15 सितंबर को इंडियन आॅयल रिफाइनरी के अधिकारियों ने मुंबर्इ में एक बैठक की थी। अधिकारियों ने ये बैठक तेल के बढ़ते दाम को लेकर की थी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल के साथ डाॅलर के मुकाबले रुपए में लगातार हो रही कमजोरी ने तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा करने के लिए मजबूर कर रहा है। इस बैठक में तेल कंपनियों में इस बात की सहमति बनते हुए दिखार्इ दी की कुछ समय के लिए कच्चे तेल के आयात को कम कर दिया जाए।
मुंबर्इ में 90 रुपए के पार पहुंचा पेट्रोल
अगस्त माह के करीब दूसरे सप्ताह से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। सोमवार को एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुर्इ। सेामवार को पेट्रोल की कीमतों में 12 पैसे प्रति लीटर आैर डीजल की कीमतों में 6 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुर्इ। इसके साथ मुंबर्इ में पहली बार पेट्रोल 90 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया। मुंबर्इ में आज पेट्रोल की नर्इ दर 90.08 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं दूसरे में शहरों में तेल के दाम में बढ़ोतरी की गर्इ है।
Updated on:
24 Sept 2018 12:05 pm
Published on:
24 Sept 2018 10:58 am
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