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कर्नाटक में बाढ़ से कॉफी बागान मालिकों को 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान

कर्नाटक में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कॉफी उत्पादक क्षेत्रों में कॉफी बागान के मालिकों को कुल 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
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Saurabh Sharma

Oct 31, 2018

Karnataka

कर्नाटक में बाढ़ से कॉफी बागान मालिकों को 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान

नर्इ दिल्ली। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक इस साल बाढ़ आैर प्राकृतिक आपदाआें ने देश के लोगों को काफी नुकसान पहुंचाया है। खासकर बाढ़ की वजह से देश के लोगों के घर, खेत सब बर्बाद हो गए हैं। केरल की त्रासदी सालों तक याद रखी जाएगी। सदी की सबसे बड़ी त्रासदी घोषित होने के बाद अब कर्नाटक में आर्इ बाढ़ की वजह से लोगों को काफी नुकसान हो चुका है। खासकर काॅफी के बागानों के मालिकों को हजारों करोड़ रुपए के बागान बर्बाद हो चुके हैं।

3 हजार करोड़ रुपए का नुकसान
कर्नाटक में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कॉफी उत्पादक क्षेत्रों में कॉफी बागान के मालिकों को कुल 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। कनार्टक प्लांटर्स एसोसिएशन (केपीए) के शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। केपीए के अध्यक्ष एचटी प्रमोद ने संवाददाताओं से कहा, "कोडागु जिले में अगस्त में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई कॉफी बागान और कॉफी उत्पादकों के घर पूरी तरह से तबाह हो गए।"

देश की 70 फीसदी काॅफी का होता है उत्पदान
कोडागु में करीब 45,000 कॉफी उत्पादक देश की कुल कॉफी का 40 फीसदी उत्पादन करते हैं। वहीं, साथ के चिकमंगलुरू और हासन जिलों में होने वाले कॉफी उत्पादन को मिलाकर इस क्षेत्र में देश का करीब 70 फीसदी कॉफी उत्पादन होता है। चिकमंगलुरू और हासन में भी भारी बारिश से कई कॉफी बागान प्रभावित हुए। प्रमोद ने कहा, "केपीए का अनुमान है कि कोडागु, चिकमंगलुरू और हासन जिलों में कुल 3,000 करोड़ रुपये की कॉफी की फसल का नुकसान हुआ है।"

70 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद
अधिकारी ने कहा, "अकेले कोडागु जिले में करीब 20,000 कॉफी उत्पादक प्रभावित हुए हैं और उनकी 70 फीसदी से अधिक फसल तबाह हो चुकी है।" कॉफी बोर्ड के मुताबिक, देश में वित्त वर्ष 2017-18 में कुल 3.15 लाख टन कॉफी का उत्पादन हुआ था। केपीए ने कहा, "हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2018-19 में कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में बारिश और बाढ़ के कारण कॉफी उत्पादन में 30-40 फीसदी की कमी आएगी।"