
Mobile industry demand GST rate should be 12 percent from 18 percent
नई दिल्ली। उद्योग संगठन इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले मोबाइल उद्योग के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। संगठन ने मार्च 2020 में जीएसटी में 50 प्रतिशत की वृद्धि को उद्योग के लिए एक क्रूर झटका करार दिया है, ईसीईए ने इस फैसले को त्रुटिपूर्ण बताया है।
जीएसटी को कम करने की मांग
आईसीईए के अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू ने एक बयान में कहा कि हर भारतीय के हाथ में स्मार्टफोन का लक्ष्य हासिल करने और 80 अरब डॉलर का घरेलू मोबाइल फोन बाजार सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल फोन पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत करना अति आवश्यक है।
यह भी रखी हैं मांग
आईसीईए ने इलेक्ट्रॉनिक्स विकास के प्रमुख क्षेत्रों के लिए विभिन्न उत्कृष्टता केंद्रों (सेंटर ऑफ एक्सिलेंस) की स्थापना के लिए 500 करोड़ रुपए के बजट और मोबाइल डिजाइन सेंटर के लिए 200 करोड़ रुपए के बजटीय आवंटन की भी सिफारिश की। अन्य सिफारिशों के अलावा, उद्योग निकाय ने 1,000 करोड़ रुपए तक के ऋण के लिए 5 प्रतिशत का ब्याज और 100 करोड़ रुपए की क्रेडिट गारंटी की मांग भी की।
Published on:
24 Jan 2021 07:55 am
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