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नई दिल्ली। खराब मौनसून की भरपाई करते हुए केंद्र सरकार किसानों को नई फसल बीमा योजना का तोहफा दे सकती है। शुक्रवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में मंत्रियों के एक समूह ने योजना पर विचार किया। इस योजना का उद्देश्य प्रीमियम शुल्क को घटाकर तीन फीसदी तक लाना और किसानों को फसलों के लिए अधिकतम कवरेज उपलब्ध करवाना है।
सूत्रों ने बताया, 'मंत्री समूह ने नई फसल बीमा योजना पर कृषि मंत्रालय की ओर से प्रस्तावित ब्यौरे पर विचार किया। प्रस्ताव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान न्यूनतम प्रीमियम का भुगतान कर अधिकतम फायदा पाएं।'
इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते उपस्थित थे। गौरतलब है कि मौजूदा फसल बीमा योजनाओं - राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना और संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना में बीमा कंपनियां औसतन फसल के मूल्य का 1 से 20 फीसदी राशि प्रीमियम के रूप में लेती हैं। इसके तहत बीमा कंपनियों की ओर से तय कुल प्रीमियम में से क्रमश: 3.5 फीसदी व 8 फीसदी का भुगतान किसान करता है, जबकि बाकी राशि सरकार वहन करती है।
सूत्रों की मानें तो मंत्री समूह ने फसल बीमा प्रीमियम को मौजूदा स्तर से घटाकर पांच फीसदी से नीचे लाने ओर किसानों को बीमा भुगतान यथासंभव कम से कम समय में सुनिश्चित करने पर चर्चा की।
Published on:
14 Nov 2015 02:31 pm
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