
नई दिल्ली। अजीम प्रेमजी, किरण मजुमदार शॉं जैसे उद्योग जगत की हस्तियों के बाद अब नंदन नंदन नीलेकणि और उनकी पत्नी रोहिणी बिल गेट्स और वॉरेन बफेट की पहल से शुरू हुए 'गिविंग प्लेज' पर दस्तखत किए हैं। गिविंग प्लेज पर दस्तखत करने वाले अपनी जिंदगी के दौरान अपनी संपत्ति का आधा हिस्सा दान में देते हैं। जिससे परोपकार के काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है। शोभा डिवेलपर्स के प्रमोटर पी एन सी मेनन समते कई बड़ी हस्तियों ने भी इस पर दस्तखत कर चुके हैं। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब नीलेकणि दान का काम कर रहे हैं। वो बीते 20 सालों से दानपुन्य का काम कर रहे हैं। लेकिन 'गिविंग प्लेज' पर साइन करने के बाद वे कई ऐसे लोगों की जमात में शामिल हो गए हैं, जो मिलकर दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल निकालने के बारे में सोच रहे हैं, जिससे दुनिया के एक बड़े तबके को सहूलियत मिल सके।
171 लोग कर चुके हैं दस्तखत
बता दें नीलेकणि और उनकी पत्नी को मिलाकर अब तर कुल 171 लोग गिविंग प्लेज पर दस्तखत कर चुके हैं। नीलेकणि परिवार के पास कुल 10.5 अरब रुपये की संपत्ति होने का अनुमान है। इसमें से ज्यादा इन्फोसिस में 2 प्रतिशत शेयरहोल्डिंग के तौर पर है। नंदन नीलेकणि और उनकी पत्नी का मानना है कि मानना है कि भारत के अमीर लोग चैरिटेबल कार्यों के लिए अपनी संपत्ति दान करना चाहते हैं, लेकिन अभी तक उनमें इसके जरिये टिकाऊ बदलाव लाने की भावना पूरी तरह नही आ पाई है, इस दंपत्ति का मानना है कि इस काम में अभी थोड़ा और समय लगेगा। गिविंग प्लेज का मकसद दान की रकम से दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल निकालना है। गौरतलब है कि नंदन नीलेकणि की इंफोसिसि की स्थापना में अहम भमूिका है, इसके अलावा देश को आधार कार्ड दिलवाने में भी उनकी अहम भूमिका रही है।
Published on:
20 Nov 2017 08:54 pm
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