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पीएम की उद्योगपतियों के साथ बैठक, कहा जोखिम लेने से नहीं डरें

वैश्विक बाजार में जारी उथल-पुथल के मद्देनजर पिछले दो महीने में प्रधानमंत्री की उद्योग संगठनों और उद्योगपतियों के साथ यह दूसरी बैठक थी

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Jameel Ahmed Khan

Sep 08, 2015

NaMo

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने निवास पर वैश्विक आर्थिक
स्थिति के हाल के घटनाक्रम में भारत की संभावनाओं पर अपने निवास पर देश के बड़े
उद्योगपतियों, मंत्रियों, बैंकर और आर्थिक विशेषज्ञों के साथ बैठक की। बैठक में
उन्होंने उद्योग जगत से कहा कि जोखित लेने की अपनी भूख को बढ़ाएं, साथ ही देश में
निवेश भी करें।



बैठक में रिलायंस समूह के प्रमुख मुकेश अंबानी, टाटा समूह के सायरस मिस्त्री,
आदित्य बिरला ग्रुप के कुमार मंगलम बिरला, भारती एयरटेल के सुनील भारती और आईटीसी
प्रमुख वाई सी देवेश्वर सहित कई उद्योगपति मौजूद थे।




बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन, परिवहन मंत्री नितिन
गडकरी, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और तेल मंत्री धमेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। उद्योग
जगत से जुड़े लोगों ने प्रधानमंत्री ने ब्याज दरों में कटौती के साथ आसानी से
बिजनेस करने के लिए और बेहतर नीतियां बनाने का आग्रह किया।



बैठक के बाद सीआईआई के अध्यक्ष सुमित मजूमदार ने संवाददाताओं को बताया कि
प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत से कहा कि वह जोखिम ले और साथ ही निवेश भी करे। उद्योग
को एक रोल अदा करना है।

वहीं, उद्योग जगत की बड़ी हस्तियों ने प्रधानमंत्री
से आग्रह किया कि ब्याज दरों में कटौती की जाए ताकि वे जोखिम उठाने के साथ निवेश भी
बढ़ा सकें। फिक्की की अध्यक्ष ज्योत्सना सूरी ने कहा, प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा
कि यही सही समय है कि हम मौके का फायदा उठाएं और निवेश करें। लेकिन, ब्याज दरें
ऊंची होने के नाते मुझे नहीं पता की कितने लोग जोखिम लेंगे। ब्याज दर का मुद्दा
हमने प्रधानमंत्री के सामने रख दिया है।

मजूमदार ने कहा कि बैठक में भूमि
अधिग्रहण मुद्दे पर चर्चा नहीं की गई।

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