
नर्इ दिल्ली। अब आप जल्द ही एस्सार आॅयल लिमिटेड को एक नए अवतार में देख सकेंगे। रूसी पेट्रोलियम कंपनी रोसनेफ्ट के स्वामित्व वाली ये कंपनी अपनी काॅरपोरेट पहचान बदलकर नायरा एनर्जी लिमिटैड करने का फैसला किया है। पिछले साल अगस्त में ही रोसनेफ्ट आैर उसके भागीदारों ने 12.9 अरब डाॅलर के सौदे मे एस्सार अधिग्रहण को पूरा कर लिया था। इस अधिग्रहण के बाद वो दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते उर्जा बाजार में उतर पार्इ।
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नए पहचान आैर ब्रांड बनाने के कोशिश
इसपर कंपनी ने अपने एक बयान में कहा कि, एस्सार आॅयल लिमिटेड ने अपनी काॅरपोरेट पहचान को बदलकर नायरा एनर्जी लिमिटेड करने के लिए मंजूरी मांगी है। इस नए काॅरपोरेट पहचान से कंपनी को नया ब्रांड आैर पहचान बनाने में मदद मिलेगी । ये हमारे रणनीति के अनुरूप है। बता दें कि एस्सार आॅयल में रोसनेफ्ट के पास 49.13 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं वैश्विक ट्रेडिंग आैर लाॅजिस्टिक्स कंपनी ट्रैफिगुरा आैर रूस की यूसीपी इंवेस्टमेंट के पास 49.13 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी ने आगे कहा कि "नया ' और 'युग' (एरा)से बना शब्द नायरा, गतिशील भारतीय और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में सफल होने के लिए कंपनी की प्रगतिशील दृष्टि को दृढ़ता से दर्शाता है। नए नाम को अपनाना सभी आवश्यक अनुमोदनों और नए कॉर्पोरेट के अधीन है पहचान प्रगतिशील रूप से शुरू की जाएगी।
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गुजरात के प्लांट से सलाना 2 करोड़ तेल किया जाता है रिफाइन
गुजरात के वाडिनार में एस्सार कर रिफाइनरी प्रोजेक्ट है जहां से सलाना 2 करोड़ टन की रिफाइनरी का परिचालन होता है। इस कंपनी के कुछ 4,473 पेट्रोल पंप है। इसकी नर्इ मालिक कंपनी ने इस पेट्रोल पंप के इस नेटवर्क को बढ़ाकर 6,000 आउटलेट्स का लक्ष्य रखा है।
Published on:
27 Apr 2018 10:15 am
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