
भारती एयरटेल को मोबाइल कारोबार बेचेगी टाटा ग्रुप, जमा किया 500 अरब रुपये का बकाया
नई दिल्ली। भारत की दिग्गज कंपनी टाटा ग्रुप ( Tata group ) ने उधारकर्ताओं व सरकार को 7.3 अरब डाॅलर ( करीब 500 अरब रुपये ) जमा कर दिया। टाटा ग्रुप ने यह रकम अपने मोबाइल फोन सेवा को भारती एयरटेल ( Bharti Airtel )के हाथों बेचने के लिए किया है। दोनों कंपनियों के बीच इस डील की घाेषणा दो साल पहले ही हो गई थी।
पिछले माह ही ग्रुप होल्डिंग कंपनी टाटा संस प्राइवेट ( Tata Sons Pvt. ) ने टेलिकाॅम डिपार्टमेंट ( Department of Telecommunications ) को 100 अरब रुपये जमा किया था। इसके कुछ दिन पहले ही कंपनी ने टाटा टेलिसर्विसेज के लिए 400 अरब रुपये का पेमेंट पूरा किया था।
जियो के बाद अपने मोबाइल कारोबार को समेटना चाहती था टाटा ग्रुप
बता दें कि मुकेश अंबानी की रिलायंस जिया के साल 2016 में लाॅन्च होने के बाद ही टाटा ग्रुप ने अपने मोबाइल काराेबार को समेटने का फैसला लिया था। कंपनी के प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि टाटा टेलिसर्विसेज के पूरे बकाये को निर्धारित समय में पूरा कर लिया गया है।
टाटा को मोबाइल कारोबार से नहीं हो रहा था मुनाफा
भारत में नमक से लेकर साॅफ्टवेयर तक का कारोबार करने वाली कंपनी टाटा ग्रुप अक्टूबर 2017 में टाटा टेलिसर्विसेज लिमिटेड ( Tata Teleservices Ltd.) का विलय सुनिल मित्तल की भारती एयरटेल के साथ करने का फैसला लिया था। टाटा को अपने मोबाइल बिजनेस से कुछ मुनाफा नहीं हो रहा था। भारती एयरटेल देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलिकाॅम कंपनी है।
भारती एयरटेल और रिलायंस जियो के अलावा वोडाफोन आइडिया लिमिटेड भी देश की अग्रणी मोबाइल ऑपरेटर्स में से एक है। पिछले साल ही वोडाफाेन ग्रुप का विलय कुमार मंगलम बिड़ला की आइडिया सेल्युलर लिमिटेड के साथ हुआ था।
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Published on:
09 Jul 2019 01:24 pm
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