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टेलिकॉम सेक्टर की बदहाली से परेशान हुए रविशंकर प्रसाद, अब निर्मला सीतारमण से मांगी मदद

वित्त मंत्रालय से 36 हजार करोड़ रुपये की मांगी मदद। कई टेलिकॉम उपकरणों पर जीएसटी कम करने की भी मांग। सर्विस प्रोवाइडर्स पर 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज।

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Ashutosh Kumar Verma

Aug 23, 2019

Ravishankar Prasad

नई दिल्ली। टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से टेलिकॉम सेक्टर के लिए त्वरित राहत की मांग की है। रविशंकर प्रसाद ने वित्त मंत्री से कहा है कि टेलिकॉम सेक्टर के लिए लाइसेंस फीस के साथ-साथ वस्तु एवं सेवा कर में भी कटौती की जाये।

36,000 करोड़ रुपये की मदद की मांग

रविशंकर प्रसाद ने वित्त मंत्रालय से 36,000 करोड़ रुपये के मदद की मांग की है। दरअसल, टेलिकॉम कंपनियों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में यह रकम बकाया है। पिछले दिन यानी 22 अगस्त को रविशंकर प्रसाद द्वारा वित्त मंत्रालय को लिखे गये एक लेटर में उन्होंने कहा, "मैंने टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से बात की है ताकि समय रहते इस सेक्टर के ग्रोथ के लिए सही कदम उठाया जा सके।"

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जीएसटी कम करने की भी मांग

गौरतलब है कि इससे पहले टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद वोडाफोन-आइडिया के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला और नये सीईओ रविंदर ठक्कर से गत 20 अगस्त को मुलाकात की है। रविशंकर प्रसाद ने अपने प्रस्ताव में कहा है टेलिकॉम इक्विपमेंट्स पर लगने वाले जीएसटी को जल्द से जल्द कम किया जाये।

मौजूदा समय में टेलिकॉम इक्विपमेंट्स पर 18 फीसदी की जीएसटी वसूला जाता है। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर का एक अहम हिस्सा और कई सेवाओं के लिए रीढ़ है।

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सर्विस प्रोवाइडर्स का बकाया

उन्होंने अपनी बात में इसपर भी जोर दिया कि टेलिकॉम सेक्टर का वित्त वर्ष 2018-19 में अडजस्टेड ग्रॉस रिवेन्यू (एजीआर) एक चौथाई घटकर 1.39 लाख करोड़ रुपये रह गया है। वित्त वर्ष 2016-17 में यह 1.85 लाख करोड़ रुपये रह गया है। इससे साफ पता चलता है कि टेलिकॉम सेक्टर की सेहत कितनी खराब है।

इस सेक्टर पर करीब 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें भारती एयरटेल का 1.16 लाख करोड़ रुपये, वोडाफोन का 99,300 करोड़ रुपये का कर्ज है।

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इन चार्जेज को घटाने की भी मांग

उन्होंने आगे यह भी कहा कि सरकार सालाना लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूजेज चार्ज में भी कटौती करे। सरकार ने वित्त वर्ष 2020 के लिए टेलिकॉम सेक्टर के लिए 50,519 रुपये का बजट का प्रावधान किया था, जोकि मुख्यत: लाइसेंस फीस, स्पेक्ट्रम पेमेंट और स्पेक्ट्रम चार्ज की कमाई से आयेगा। प्रसाद ने यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फीस को मौजूदा 5 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी करने की मांग की है।

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