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500 से 1500 रुपए किलो तक बिकता है यह मुर्गा, खाने के ये हैं फायदे

हमारे देश में काला चिकन उपलब्ध है। हालांकि अभी बहुतायात में नहीं मिलने के कारण शायद आप इसके बारे में नहीं जानते होंगे।

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Black Chicken

नई दिल्ली। चिकन का सेवन सेहत के लिए लाभकारी होता है। आपने भी अपने घर या बाजार में कई बार चिकन के सेवन किया होगा। लेकिन क्या आपने कभी काला चिकन खाया है। निश्चित तौर पर आपका जवाब ना ही होगा। अब अाप सोच रहे होंगे कि भला काला चिकन भी होता है। तो आप सही सोच रहे हैं। जी हां। हमारे देश में काला चिकन उपलब्ध है। हालांकि अभी बहुतायात में नहीं मिलने के कारण शायद आप इसके बारे में नहीं जानते होंगे। आइए हम आपको बताते हैं कि देश में काला चिकन कहां मिलता है और इसके खाने के क्या फायदे हैं।

यहां पाले जाते हैं काले मुर्गे

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में काले मुर्गे का पालन किया जाता है। यहां पर कई परिवार फार्म बनाकर काले मुर्गे का कारोबार कर रहे हैं। इस काले मुर्गे की कीमत सामान्य मुर्गे के मुकाबले दो से तीन गुना ज्यादा है। यहां आमतौर पर यह मुर्गा 500 रुपए प्रतिकिलो में बेचा जा रहा है। देश के कई स्थानों पर यह मुर्गा 1500 रुपए प्रति किलो तक बेचा जा रहा है। इस मुर्गे के पालन से यहां के कई परिवारों का जीवन बदल गया है। इस मुर्गे की अच्छी मांग को देखते हुए अब इस क्षेत्र में धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग इस कारोबार की ओर आकर्षित हो रहे हैं। लोगों की इस कारोबार में रूचि को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने काले मुर्गे के पालन पर सब्सिडी देनी शुरू कर दी है। यहां महिलाएं इस कार्य को प्रमुख रूप से कर रही हैं। दंतेवाड़ा के अलावा यह मुर्गा मध्य प्रदेश में भी कई स्थानों पर पाया जाता है।

ये हैं इस मुर्गे के सेवन के फायदे

यह मुर्गा छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और मध्य प्रदेश में कड़कनाथ के नाम से जाना जाता है। दंतेवाड़ा में इस मुर्गा को कालीमासी भी कहा जाता है। दंतेवाड़ा में यह मुर्गा मध्य प्रदेश के ही पड़ोसी जिलों से लाया गया है। यहां करीब 76 कारोबारी इस मुर्गे के पालन का कार्य कर रहे हैं। यह लोग करीब 76,000 मुर्गे पाल रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार को योजना इस संख्या को 2018 के मध्य तक डेढ़ लाख तक पहुंचाने की है। यह मुर्गे का सेवन स्वास्थय के लिए बेहद लाभकारी है। इस मुर्गे में प्रोटीन ज्यादा है और फैट व कैलोस्ट्रॉल की मात्रा कम है। सामान्य मुर्गे के 13 से 25 फीसदी फैट के मुकाबले काले मुर्गे में इसकी मात्रा 0.73 से 1.03 फीसदी ही है। इस मुर्गे की स्वास्थ्य के प्रति गंभीर, अमीर और शहरी क्षेत्र में विशेष मांग है।